श्री हरि के अवतारों की लीला भूमि अयोध्या – अहो अयोध्या
श्री हरि विष्णु ने रक्ष संस्कृति के विनाश के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। यह अवात»
श्री हरि विष्णु ने रक्ष संस्कृति के विनाश के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। यह अवात»
स्वामी वामदेव एक भोले-भाले विनम्र संत थे। छोटे कद वाले वामदेव के भीतर संतई के सारे गुण थे। उन्होंने अयोध्या में राममंदिर»
शिक्षा-दीक्षा से रसायन शास्त्री एचवी. शेषाद्रि राम जन्मभूमि आंदोलन में संघ का मुखर चेहरा थे। उनके ऊपर संघ की ओर से राम ज»
अयोध्या आंदोलन के पक्ष अनेक हैं। अनंत हैं। आंदोलन की पूर्णाहुति के पश्चात इस पर ध्यान दिया जाने लगा है। लेकिन जब कभी इस»
भारतीय राज्य व्यवस्था की पुनर्रचना का प्रश्न है बहुत पुराना। राज्य व्यवस्था चाहे भारत की हो या विश्व के किसी देश की हो,»
प्रो. एम.एन. दास को जिन्ना और विंसटन चर्चिल के पत्रों में एक रहस्यमय पत्र मिला। चर्चिल ने जिन्ना को लिखा था कि वह उन्हें»
यह महासंकट का समय है। ऐसे समय में मनोवृति कैसे बदल जाती है इसे यह घटना बताती है एक सौ चैदह साल पुरानी बात है। महात्मा गा»
जमींदारी प्रथा का अंत हो चुका है। इसके साथ ही किसानों को जमीन का हक मिला। किसानों को मिला अधिकार भी काफी कुछ पन्नो पर ही»
संविधान सभा ने अपने लिए जो उद्देश्य निर्धारित किए, क्या उसे वह प्राप्त कर सकी? अत्यंत पीड़ादायक तथ्य है कि संविधान सभा को»
जब नंदलाल बसु को हमारे संविधान की मूल प्रति के चित्रांकन का काम सौंपा गया था तो वह कोई सरकारी या अर्ध-सरकारी प्रस्ताव तो»
सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन नए-नए वायरसों का जब तक कोई उपचार खोजा जाता है, वह बड़ी आबादी को अपनी चपेट में लेकर अपना रौद्र»
कोराना वायरस दुनिया की नींद उड़ा चुका है। इसे जैविक हथियार के रूप में देखने वालों की कमी नहीं है। चीन के जिस वुहान शहर स»
कोरोना वायरस का पहला केस चीन के वुहान शहर में बीते साल दिसंबर में सामने आया था | महज़ कुछ हफ़्तों में ही यह वायरस दुनिया»
दुनिया भर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 30 हज़ार के पार पहुंच चुकी है लेकिन अभी तक स्पष्ट तौर पर कोई विशेषज्ञ»
वरिष्ट पत्रकार जवाहरलाल कौल को जनसत्ता से रिटायर हुए करीब एक दशक हो चुकें हैं, लेकिन उनकी कलम अभी रिटायर नही हुई। बल्कि»
अयोध्या नगर से बाहर निकले तो चौरासी कोसी परिक्रमा के बीच ६५ ऐसे स्थल चिन्हित किए गए थे जिन्हें तीर्थ के रूप में मान्यता»
मानस के सूक्ष्म लोक का हवनकुंड अयोध्या को लेकर पुराणों में जगह-जगह उद्धरण मिलते हैं। मनु से बसाई गई अयोध्या को विश्व की»
अयोध्या, सरयू और भगवान राम की महिता सिर्फ अयोध्या तक सीमित नही। यह चतुर्भुवन तक है। सार्वकालिक है। अयोध्य़ा और राम जी से»
अहो! अयोध्या अयोध्या आंदोलन के सृ»