12 जून, 1975 कहां-क्या हुआ!
बारह जून 1975 को एक ही प्रश्न पूरे देश में घुमड़ रहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत न दी तो क्या प्रधानमंत्री इंद»
बारह जून 1975 को एक ही प्रश्न पूरे देश में घुमड़ रहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत न दी तो क्या प्रधानमंत्री इंद»
इमरजेंसी के 50 साल पूरे हो रहे हैं। देश में इमरजेंसी की घोषणा को इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र के बचाव में मजबूरन उठाया गया क»
भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है। यह 2024 के अध्ययन पर आधारित है। देश भर में पंचायतें कैसा का»
राष्ट्रीयता का सार शिक्षा के ध्येय में आत्मसात है. देश नई सदी में परिवर्तन के नित नये आयामों के समक्ष अपने लोकतान्त्रिक»
अमेरिका विश्व के उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिसके साथ भारत का व्यापार अधिशेष रहता है . अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्»
वर्ष 2024 में छपी किताबों की बात करें तो सबसे बड़ी घटना निर्मल वर्मा के कहानी संग्रह ‘थिगलियाँ’ का आना रहा। इ»
नेताजी सुभाष चंद्र बोस अनोखे पराक्रम के प्रेरक पुरूष हैं। वे इतिहास पुरूष भी हैं। उन्हें इस रूप में प्रस्तुत करने की विश»
भारत को ब्रिटिश हुकूमत से आजादी दिलाने में संत समाज की भूमिका अग्रणी रही है। उन्होंने न सिर्फ जनजागरण जैसा अति महत्वपूर्»
हिंदू समाज के पर्व उत्सवों आदि के पीछे ठोस वैज्ञानिक आधार होता है। युगों-युगों से समाज को अनुप्रमाणित कर रहे कुंभ पर्व क»
‘आमि सेइ दिन होबो शांत, जबे उत्पीड़ितेर क्रंदन-रोल आकाशे बातासे ध्वनिबे ना, अत्याचारीर खड्ग कृपाण भीम रणभूमे रनिबे»
क्या सुप्रीम कोर्ट ने इमरजेंसी में संशोधित उद्देशिका के दो शब्दों को मंजूरी दे दी है? ये दो शब्द हैं, समाजवाद और सेकुलरि»
गांधीजी के राजनीतिक उत्तराधिकार पर अनेक दावेदारियां रही हैं। इस प्रश्न पर हमेशा बहस होती रही है। वह आज भी है। इस»
रूस का कजान शहर इस समय चर्चा में है। इसके दो कारण हैं। एक, वहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ। दो, जहां प्रधानमंत्री न»
ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चाइना और साउथ अफ़्रीका के गुट को ब्रिक्स कहा जाता था, लेकिन इस साल जनवरी में इस समूह का विस्तार ह»
शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइज़ेशन या शंघाई सहयोग संगठन की स्थापना 2001 में चीन और रूस ने की थी जिसके सदस्यों में अब कज़ाकिस्तान,»
इंस्टीट्यूट फार कांफ्लिक्ट मैनेजमेंट के अनुसार, नेशनल रिजिस्टेंस फ्रंट(NRF) से संघर्ष में 904 तालिबान लड़ाके मारे गए। 15»
इमरजेंसी के इतिहास में 25 जून, 1975 का दोहरा महत्व है। दोहरा इसलिए कि एक तरफ प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी‘परिवार की तानाशाह»
भारत का हर सजग नागरिक यह तो भलीभांति जानता है कि राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों की गिरफ्तारियां पहले ही शुरू हो गई। इमरजें»
कांग्रेस और विपक्ष के उनके साथी दल चुनाव अभियान के दौरान अपने झूठे प्रचार से लोगों को भ्रमित कर रहे थे। वे इस बात का झू»