ग्राम स्वराज्य के सपने को साकार करेगा, ‘एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम’

ओम प्रकाश तिवारी

गांधी जी ग्राम स्वराज्य की बात करते थे। लेकिन नीति नियंताओंं ने गांधी के गांव को भुला दिया था। योगी सरकार की एक जनपद एक उत्पाद योजना इस सपने को साकार करने में सक्षम दिख रही है।  उत्तर प्रदेश विशाल एवं विविधताओं वाला प्रदेश है। 21 करोड़ की आबादी वाले इस प्रदेश में विभिन्न धरातलीय क्षेत्र, भिन्न भोजन व फसलें तथा भिन्न जलवायु है। विभिन्न सामुदायिक परम्पराएं एवं आर्थिक परिपेक्ष्य हैं। इस प्रदेश का हर कस्बा और जनपद अपने विशिष्ट और असाधारण उत्पादों के लिए देश-दुनिया में मशहूर है। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की इन्ही विविधताओं एवं विशिष्टताओं को रोजगार से जोड़ने के लिए वर्ष जनवरी २०१८ में एक अनूठी  योजना “एक जनपद – एक उत्पाद” शुरू की थी। बेहद कम समय में ही इस योजना से रोजगार के साथ ही प्रदेश में दम तोड़ रहे कुटीर उद्योगों को नई पहचान हासिल हो रही। योजना के तहत सरकार हर जिले के खास उत्पादों के निर्माण, विपणन और प्रसार की सहूलियतें उपलब्ध करा रही है।

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में स्थानीय स्तर पर कई विशेष व्यवसाय समूह हैं। यहां ऐसे उत्पाद बनते हैं जो देश में कहीं और उपलब्ध नहीं हैं। जैसे प्राचीन एवं पौष्टिक कालानमक चावल, दुर्लभ एवं अकल्पनीय गेहूँ डंठल शिल्प, विश्व प्रसिद्ध चिकनकारी, कपड़ों पर ज़री-जरदोज़ी का काम, मृत पशु से प्राप्त सींगों व हड्डियों से अति जटिल शिल्प कार्य जो हाथी दांत का प्रकृति–अनुकूल विकल्प है। देश के कुल हस्तशिल्प निर्यात में प्रदेश का योगदान 44 प्रतिशत है।
इसी तरह कालीन में 39 प्रतिशत तथा चर्म उत्पाद में 26 प्रतिशत है। इनमें से बहुत से उत्पाद जीआई टैग अर्थात भौगोलिक पहचान पट्टिका धारक हैं। ये वे उत्पाद हैं जिनसे स्थान विशिष्ट की पहचान होती है । इनमें से तमाम ऐसे उत्पाद हैं जो अपनी पहचान खो रहे थे। इस योजना के माध्यम से लघु उद्योगों और हस्तशिल्प के विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। सरकार नई व कार्यरत इकाइयों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध भी उपलब्ध करा रही है। 
उत्तर प्रदेश के जनपद विशेष से संबंधित ये कुटीर उद्योग वैसे तो सामान्य प्रतीत होते हैं; लेकिन उनके उत्पाद उस क्षेत्र की विविधता एवं विलक्षणता को दर्शाते हैं। प्रदेश के विभिन्न जनपद हींग, देशी घी, काँच के आकर्षक उत्पाद, चादरें, गुड़, चमड़े से बनी वस्तुएं आदि उत्पादों में विशेषज्ञता रखते हैं। तमाम लोग यहां निर्मित उत्पादों  का प्रयोग कर रहे होते हैं; लेकिन उन्हें प्रायः इसकी जानकारी नहीं होती। यहाँ लघु एवं मध्यम दर्जे की तमाम ऐसी औद्योगिक इकाइयाँ हैं जिन्हें उन्नत मशीनरी, आधुनिकीकरण एवं उत्पादक क्षमता में वृद्धि की आवश्यकता है।
एक जनपद एक उत्पाद की सूची
  • आगरा चमड़ा उत्पाद
  • अमरोहा वाद्य यंत्र (ढोलक)
  • अलीगढ़ ताले एवं हार्डवेयर
  • औरैया दूध प्रसंस्करण (देसी घी)
  • आजमगढ काली मिट्टी की कलाकृतियां
  • अम्बेडकर नगर वस्त्र उत्पाद
  • अयोध्या गुड़
  • अमेठी मूंज उत्पाद
  • बदायूं ज़री जरदोज़ी उत्पाद
  • बागपत होम फर्नीशिंग
  • बहराइच गेहूं डंठल (हस्तकला) उत्पाद
  • बरेली ज़री-ज़रदोज़ी
  • बलिया बिंदी उत्पाद
  • बस्ती काष्ठ कला
  • बलरामपुर खाद्य प्रसंस्करण (दाल)
  • भदोही कालीन (दरी)
  • बांदा शज़र पत्थर शिल्प
  • बिजनौर काष्ठ कला
  • बाराबंकी वस्त्र उत्पाद
  • बुलंदशहर सिरेमिक उत्पाद
  • चंदौली ज़री-ज़रदोज़ी
  • चित्रकूट लकड़ी के खिलौने
  • देवरिया सजावट के सामान
  • इटावा वस्त्र उद्योग
  • एटा घुंघरू, घंटी एवं पीतल उत्पाद
  • फर्रुखाबाद वस्त्र छपाई
  • फतेहपुर बेटशीट एवं आयरन फैब्रीकेशन वर्क्स
  • फिरोजाबाद कांच के उत्पाद
  • गौतमबुद्ध नगर रेडीमेड गार्मेंट
  • गाजीपुर जूट वॉल हैंगिंग
  • गाज़ियाबाद अभियांत्रिकी सामग्री
  • गोंडा खाद्य प्रसंस्करण (दाल)
  • गोरखपुर टेराकोटा
  • हापुड़ होम फर्निशिंग
  • हरदोई हैंडलूम
  • हाथरस हींग
  • हमीरपुर जूते
  • जालौन हस्तनिर्मित कागज कला
  • जौनपुर ऊनी कालीन (दरी)
  • झांसी सॉफ्ट ट्वॉयज
  • कौशाम्बी खाद्य प्रसंस्करण (केला)
  • कन्नौज इत्र; कुशीनगर 
  • केला फाइबर उत्पाद
  • कानपुर देहात एल्युमिनियम बर्तन
  • कानपुर नगर चमड़ा उत्पाद
  • कासगंज ज़री-जरदोज़ी
  • लखीमपुर खीरी जनजातीय शिल्प
  • ललितपुर ज़री सिल्क साड़ी
  • लखनऊ चिकनकारी एवं ज़री ज़रदोज़ी
  • महाराजगंज फर्नीचर
  • मेरठ खेल की सामग्री
  • महोबा गौरा पत्थर
  • मिर्जापुर कालीन
  • मैनपुरी तारकशी कला
  • मुरादाबाद धातु शिल्प
  • मथुरा सैनिटरी फिटिंग
  • मुजफ्फरनगर गुड़
  • मऊ वस्त्र उत्पाद
  • पीलीभीत बांसुरी
  • प्रतापगढ़ खाद्य प्रसंस्करण (आंवला)
  • प्रयागराज मूंज उत्पाद
  • रायबरेली काष्ठ कला
  • रामपुर पैचवर्क के साथ एप्लिक वर्क, जरी पैचवर्क
  • संत कबीर नगर ब्रासवेयर
  • शाहजहांपुर ज़री-ज़रदोज़ी
  • शामली लौहकला
  • सहारनपुर लकड़ी पर नक्काशी
  • श्रावस्ती जनजातीय शिल्प
  • संभल हस्तशिल्प (हॉर्न-बोन)
  • सिद्धार्थनगर काला नमक चावल
  • सीतापुर दरी
  • सोनभद्र कालीन
  • सुल्तानपुर मूंज उत्पाद
  • उन्नाव ज़री-जरदोज़ी
  • वाराणसी बनारसी रेशम साड़ी
ओमप्रकाश तिवारी

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