मीडिया
योगी जी, मीडिया को गटर में न जाने दें ! सरकारी मान्यता नियम लागू हों !!
पत्रकार जिसने रचा इतिहास ! सिर्फ देखा-लिखा ही नहीं : हरीश चंदोला !!
लोकतंत्र और मीडिया के रिश्तों की पड़ताल
‘अग्निपथ’ एक परिवर्तनकारी योजना
सेना में शामिल होना स्वैच्छिक होता है अगर कोई शामिल होना चाहता है तो अपनी इच्छा से शामिल होता है |सेना कोई कंपनी या रोजगार एजेंसी नहीं है |अग्निपथ भर्ती…
प्रज्ञा पुरूष थे धीरूभाई शेठ – रामबहादुर राय
भगवान राम तक पहुंचने का माध्यम हैं मां सीता – महंथ गिरीशपति त्रिपाठी
हम लोग जिस परंपरा को मानने वाले हैं उस परंपरा में मिथिला धीर बालिका को शिथिल न होने देने की परवाह है। हमारे पूर्व आचार्य ने एक मंगलाचरण स्तुति का…
रामराज्य का अर्थ है न्याय का राज्य – राहुल देव
भरातीयों के ह्रदय में समायी है राम की मर्यादा
मर्यादायें सोच समझ कर विवेक को कसौटी पर कस कर समाज और मनुष्य की आवश्कताओं को परख कर बनाई जाती है, स्थापित की जाती है और रूढ़ियाँ अपने आप बन…
क्योंकि पत्रकारिता सदाचारिता है
तरूण तेजपाल के दोस्त लोग कह रहें है कि यह तो मारवाड़ी प्रेस है जिसकी आत्मा एकदम जाग्रत हुई है क्योंकि तहलका ने वेश्याओं का उपयोग किया। इस प्रेस की…
आखिरी व्यक्ति की चिंता गांधी जी की पत्रकारिता का आधार थी
देश आजाद हुआ है तो यह गांधी के आत्मबल से आजाद हुआ। जिसने लाठी भी नहीं चलाई और यह उनके आत्मबल का भी सहारा था कि उसने देश को आजाद…
आखिरी व्यक्ति की चिंता, सत्य का अवलंबन, बोल चाल की भाषा, अपनी भाषा के प्रति लगाव। यही गांधी की पत्रकारिता का सार है-रामबहादुर राय
मैंने इस ग्रीन पम्फलेट का जिक्र सिर्फ इसलिए किया क्योंकि पत्रकारिता का उस जमाने में और आज भी यह एक जरिया है। पत्रकारिता गांधी के रग-रग में थी, इसे हम…










