विषय संग्रह

कला साहित्य

साहित्यिक सृजन से साहित्यिक पतन के आयाम में सिनेमा

विरासत मर रही थी और प्रगतिशील नये दौर का सिनेमाई आंदोलन थकने लगा था. 90 के दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था के समाजवाद को मनमोहनी उदारवाद के नये कलेवर में ढाल…

मजदुर दिवस पर लैंग्‍सटन ह्यूज की कविता : मैं एक सपना देखता हूँ इस धरती का

मैं एक ऐसी धरती का सपना देखता हूँ जहाँ आदमी आदमी से घृणा नहीं करे जहाँ धरती प्रेम के आशीर्वाद से पगी हो और रास्ते शान्ति की अल्पना से सुसज्जित…

जो अहिंसक है, वही मानव है : महावीर जयंती ( 4 अप्रैल) पर विशेष

 काबिलेगौर हो कि महावीर स्वामी के सत्य और अहिंसा के सशक्त जीवन सूत्रों के बल पर भारत को सैकड़ों वर्षों की विदेशी दासता मुक्त कराने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाने…