एकअद्भुत कलाकार का अवसान
‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों को प्रभावित किया। ‘सलाम बॉम्बे!’ जैसी फिल्म ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अब तक छप्पन’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों और समीक्षकों दोनों को प्रभावित किया। ‘सलाम बॉम्बे!’ जैसी फिल्म ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी…
महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे 1953 में संसद सचिवालय से जुड़े और लगभग 37 वर्षों तक भारतीय संसद की विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहे। 1983 से 1990 तक उन्होंने लोकसभा…
निभाई थी। इसके बाद 9 नवंबर 2019 को ही राम मंदिर के पक्ष में फैसला आया था। वर्ष 2002 में विधान पार्षद बनाए गए थे। और वे साल 2014 तक…
राम जन्मभूमि आंदोलन अलग रंग लेने लगा। रामालय ट्रस्ट बना। लेकिन इस ट्रस्ट को कोई सफलता नहीं मिली। केंद्र में जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तो बतौर रक्षा…
दौरान कांग्रेस पर आरोप लगा कि उसने सांसदों का समर्थन खरीदने के लिए पैसे खर्च किए. मनमोहन सिंह आम सहमति कायम करने के पक्षधर थे. उन्होंने उस दौरान गठबंधन सरकार…
ज़ाकिर हुसैन को 1992 और 2009 में संगीत का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ग्रैमी अवार्ड भी मिला था । उस्ताद अहमद जान थिरकवा, कंठे महाराज, पंडित समता प्रसाद गुदई महाराज, उस्ताद अल्ला…
को काफ़ी जगह मिली है. फ़िल्म 'हम आपके हैं कौन' में बाबुल गाने को शारदा सिन्हा ने ही गाया था. यह गाना आज भी बेटियों की शादी के बाद विदाई…
भी सम्मानित किया जा चुका है। रतन टाटा 1990 से 2012 तक टाटा ग्रुप के चेयरमैन थे। उन्होंने 4 महीने अंतरिम चेयरमैन की भूमिका भी निभाई थी। उनकी उपलब्धियों…
अब्दुल गफूर मजीद नुरानी नहीं रहे। वे ए.जी. नुरानी के नाम से मशहूर थे। पर, उनके जो थोड़े दोस्त थे, वे उन्हें गफूर कहकर बुलाते थे। निधन के बाद ही…
सुशील मोदी पटना में जन्मे। वहीं पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान सच के लिए लड़ाई लड़ना सीखा। पढ़ाई छूट गई और जो लड़ाई छेड़ी, वह आजीवन चली। बिहार उनकी कर्मभूमि…
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में कस्तूरबा गांधी की पुण्यतिथि निराले ढंग से मनाई गई। यह अवसर विशेष बन गया। गांधी जी को वर्ष में दो बार याद करने की…