विषय संग्रह
स्मृति शेष
अमीन सयानी की स्मृति में… क्या थे वे दिन ? गीतमाला वाले !
मदनदास, जो हमेशा याद किए जाएंगे
प्रभाष प्रसंग में ‘विनोबा-दर्शन’
उसी रिपोर्टिंग से यह किताब ‘विनोबा-दर्शन’ बनी है। आठवें प्रभाष प्रसंग पर ‘लोक का प्रभाष’ शीर्षक से प्रभाष जी जीवनी का लोकार्पण हुआ था। जिन दिनों रामाशंकर कुशवाहा जीवनी पर…
वैचारिक पत्रकारिता के अपराजेय योद्धा थे शीतला सिंह
अद्भुत जिजीविषा के धनी थे कीर्ति शेष सम्पादक/पत्रकार शीतला सिंह। उनमें विचारों की भट्टी सदा धधकती रही। वे एक विशेष प्रकार की आग को धारण किए हुए थे। समाज-राष्ट्र के…






