विषय संग्रह

जयंती पर विशेष

“ हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा , गीत नया गाता हूं ”

झरे सब पीले पात कोयल की कुहुक रात प्राची में अरुणिमा की रेख देख पाता हूं गीत नया गाता हूं. टूटे हुए सपने की सुने कौन सिसकी अंतर को चीर…