“ हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा , गीत नया गाता हूं ”
झरे सब पीले पात कोयल की कुहुक रात प्राची में अरुणिमा की रेख देख पाता हूं गीत नया गाता हूं. टूटे हुए सपने की सुने कौन सिसकी अंतर को चीर…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
झरे सब पीले पात कोयल की कुहुक रात प्राची में अरुणिमा की रेख देख पाता हूं गीत नया गाता हूं. टूटे हुए सपने की सुने कौन सिसकी अंतर को चीर…