विषय संग्रह

दिवस विशेष

शिक्षक दिवस का महत्व

पुस्तकों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। एक शिक्षक विद्यार्थी के व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका…

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी : अखंड भारत और राष्ट्रवाद के प्रतिमूर्ति

किंतु यह विविधता राष्ट्रीय एकता को कमजोर नहीं बल्कि सुदृढ़ करने वाली होनी चाहिए।वे मानते थे कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की साझा सांस्कृतिक विरासत…

विश्व पर्यावरण दिवस:पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना

पड़ रही है तो कहीं बाढ़ और सूखे की स्थिति उत्पन्न हो रही है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण हिमनद तेजी से पिघल रहे हैं, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा…

अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस

लाभ भी नहीं मिल पाता। असंगठित क्षेत्र के मजदूर विशेष रूप से अधिक कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्हें स्थायी रोजगार नहीं मिलता और उनका जीवन अस्थिर रहता है। कोविड-19…

पंचायती राज व्यवस्था का भारत के विकास में योगदान

सुनिश्चित किया गया है। इससे इन वर्गों को नेतृत्व का अवसर मिला और वे समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने लगे। आज कई ग्राम पंचायतों में महिलाएँ सरपंच के…

संविधान बनाने में महिलाओं का योगदान

थी. विजय लक्ष्मी पंडित को इलाहाबाद में कांग्रेस कमेटी की बैठक के दौरान गिरफ़्तार भी किया गया था. यहीं से उनके राजनीतिक करियर ने शक्ल लेनी शुरू कर दी थी.…

सरदार पटेल अपनी योग्यता और निष्ठा के कारण 1947 में देश के स्वाभाविक प्रधानमंत्री होते

नेता थे। उसके बाद तो वह लौह पुरुष के रूप में विख्यात हो गए। उनके योगदान को जो महत्व दिया जाना चाहिए था, वह 1950 में उनकी मृत्यु के बाद…

लोकनायक को नमन….

थी। जब वह प्रकट नहीं हुई तो जेपी ने पुनः खोज शुरू की कि क्रांति का नया वाहक और वाहन क्या हो? उन्हीं दिनों जेपी ने एक लेख लिखा-‘भारतीय राज्य…

इमरजेंसी के पचास साल : अनुभव,अध्ययन और सबक

को अपनी बेबाक लेखनी से झकझोर दिया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” आगे उन्होंने कहा कि प्रभाष जी ने लोकोन्मुख पत्रकारिता की…