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अपनी बात

अनुबंध और संविदा: रोजगार की वैधता का अनर्थ

रोजगार का क़ानून तो उस ब्रिटिश कालीन रौलेट-एक्ट (सन् 1919) की याद दिलाता है जहाँ 'ना कोई अपील, ना वकील, ना दलील' का नियम था. वैसा ही कुछ सरकार की…

राज्य, भाषा और राजनीति

कुटिलता में डीएमके ने पूरे तमिलनाडु को उपद्रव की आग में झोंक दिया. राज्य के सैकड़ो गाँवों में हिन्दी के पुतले और हिन्दी की किताबें, यहाँ तक कि हिन्दी में…

नोटा : विरोध का अधिकार मत छिनिये

समूह एवं कुछ चिन्हित परिवार ही उम्मीदवारों का निर्णय ना कर रहे होते. अब ऐसी राजनीतिक दलों को किस तरह लोकतान्त्रिक माना जाये जिनमें पार्टी के लिए समर्पित, 20-25 साल…

बहुजन राजनीति का संकट

बल्कि बहुजन आंदोलन को कमजोर किया है. कांशीराम क़े बहुत से सहयोगी और दलित छत्रपों जैसे राजबहादुर, शाकिर अली, कालीचरण सोनकर, जंगबहादुर, सोनेलाल पटेल, राशिद अली, आर.के.चौधरी आदि ने बसपा…

मी लार्ड, जरा सुनिए!

आयोग अधिनियम, 2014 को लागू किया था. इसके अंतर्गत उच्च एवं उच्चतम न्यायालयों में न्यायधीशों की नियुक्ति के सम्बन्ध में एक स्वतंत्र-समावेशी निकाय के रूप में परिकल्पित राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति…