भारत और मिस्र के संबंध : प्राचीन विरासत से आधुनिक रणनीतिक साझेदारी तक
निर्यात करता है, जबकि मिस्र से भारत को उर्वरक, पेट्रोलियम एवं अन्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। भारतीय कंपनियों ने मिस्र में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया है। भविष्य में व्यापार…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
निर्यात करता है, जबकि मिस्र से भारत को उर्वरक, पेट्रोलियम एवं अन्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। भारतीय कंपनियों ने मिस्र में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश किया है। भविष्य में व्यापार…
में शामिल करना है। विशेष रूप से भारत ने विकासशील देशों की आवाज़ को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत लगातार यह आग्रह करता रहा है…
दोनों देशों के बीच संबंध किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर व्यापक और दीर्घकालिक बन गए हैं। फ्रांस भारत का पहला पश्चिमी रणनीतिक साझेदार रहा है, जबकि फ्रांस के…
जागरूक बनाया।स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक पत्रकारों ने जेल यात्राएं कीं, आर्थिक संकट झेले, लेकिन अपने दायित्व से पीछे नहीं हटे। इस प्रकार हिंदी पत्रकारिता स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण…
आखिरकार इंदिरा गांधी की सरकार ने 4 जुलाई, 1975 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध लगा ही दिया। इस तारीख को अपनी डायरी में बिशन टंडन ने दर्ज किया है…
भूमिगत आंदोलन का महानायक कौन था? क्या यह हम जानते हैं? आज थोड़े से ही लोग हैं, जो इस प्रश्न का सही उत्तर दे सकते हैं। ऐसे लोग वे हैं,…
मोहभंग से विवेक भी जगता है। ऐसी ही मनोदशा में डा.शंकर दयाल सिंह अपनी पुस्तक में संजय गांधी की बाबत आत्मनिरीक्षण के भाव से लिखते हैं, ‘शुरू-शुरू में जब संजय…
कांग्रेस के ऊंचे नेता शंकर दयाल सिंह की पुस्तक ‘इमरजेंसी क्या सच? क्या झूठ’ में एक अध्याय है, ‘सूर्योदय और सूर्यास्त’। किसका सूर्यादय और किसका सूर्यास्त? यह प्रश्न पाठक के…
साहित्य और राजनीति के अमर नामों में एक शंकर दयाल सिंह है। वे इंदिरा गांधी की इमरजेंसी के साक्षी रहे। 1975 की इमरजेंसी में वे कांग्रेस के लोकप्रिय नेताओं में…
गुरुजी ने उन्हें प्रांत संघचालक घोषित किया था। उनका परिवार अत्यधिक सम्पन्न था, पर शिविर आदि में वे सामान्य स्वयंसेवक की तरह सारे कार्य स्वयं करते थे। उन्होंने अपने बच्चों…
पिंगले की प्रेरणा से नागपुर में ‘बाबा साहेब आप्टे स्मारक समिति’ की स्थापना हुई। बाद में इसी समिति के अंतर्गत ‘अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना’ का गठन किया गया। मोरोपंत…
भाऊराव देवरस लखनऊ आए थे। पुराने कुछ सहयोगी उनसे बात कर रहे थे। अचानक वे बोल पड़े, ‘सुनो! डॉ. हेडगेवार की पीढ़ी के लोग एक-एक कर चले गए। दो-चार बचे…