लेखक के लेख

admin

नोटा : विरोध का अधिकार मत छिनिये

समूह एवं कुछ चिन्हित परिवार ही उम्मीदवारों का निर्णय ना कर रहे होते. अब ऐसी राजनीतिक दलों को किस तरह लोकतान्त्रिक माना जाये जिनमें पार्टी के लिए समर्पित, 20-25 साल…

आपातकाल का आईना

इमरजेंसी का अर्थ है, लोकतंत्र की हत्या। इमरजेंसी का दूसरा अर्थ है, अपनी राजगद्दी बचाने के लिए मनमाने ढंग से संविधान को बदनीयती से बदलना। इमरजेंसी का तीसरा अर्थ है, बोलने और जीने…

इमरजेंसी क्यों लगी?

सन 2000 में मैंने चंद्रशेखर से पूछा कि ‘12 जून, 1975 को इंदिरा गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया। अगर वह फैसला न आता तो भी क्या इंदिरा…

सचमुच सुशील

सुशील मोदी पटना में जन्मे। वहीं पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान सच के लिए लड़ाई लड़ना सीखा। पढ़ाई छूट गई और जो लड़ाई छेड़ी, वह आजीवन चली। बिहार उनकी कर्मभूमि…

निरंतरता में मोदी युग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते हैं कि जन-ंमन में आज अगर कोई आशंका है, तो वह क्या है? उसका ही उत्तर है,पूरे मंत्रिमंडल का गठन। इसे दो -ढ़ंग से देखना चाहिए।…

भाजपा ने बाहरियों को दिल खोलकर बनाया उम्मीदवार, पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी !

लोकसभा चुनाव - 2024 में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस, सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी समेत अनेक क्षेत्रीय दलों से आए नेताओं को दिल खोलकर उम्मीदवार बनाया है। जितिन…

संविधान और हम

लेखकों द्वारा. जैसे राजनीतिशास्त्री रॉबर्ट डल का मानना था कि 'हिंदुस्तान में लोकतान्त्रिक संस्थाओं के विकास की अनुकूल परिस्थितियां नहीं है.' पत्रकार डॉन टेलर ने भाषाओं, धर्मों, नस्लों की विविधता…