लेखक के लेख

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कम्युनिस्टों का 1857 पर लाल रंग चढ़ाने का कुचक्र

हमारे देश में जो विचार युद्ध चल रहा है, उसमें हर विचारधारा सन 1857 पर अपना रंग चढ़ाने की कोशिश में हैं। साल 1957 में जब प्रथम स्वाधीनता संग्राम की…

इक्कीसवी सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि | भाग-2

पहली धारा के सहमना गतिविधियाँ, समूहों के रूप मे दिखाई पड़ती है| वह पहली धारा भारतवर्ष की राष्ट्रीय चेतना की उभार है| 1980 के बाद से राष्ट्रवादी धारा का आग्रह बढ़ता…

वैचारिक पत्रकारिता के अपराजेय योद्धा थे शीतला सिंह

अद्भुत जिजीविषा के धनी थे कीर्ति शेष सम्पादक/पत्रकार शीतला सिंह। उनमें विचारों की भट्टी सदा धधकती रही। वे एक विशेष प्रकार की आग को धारण किए हुए थे। समाज-राष्ट्र के…

पत्नी ही कुलनाम क्यों बदले ? अब पति भी तो कुछ सुधरें !!

वधु का पूरा नाम ही बदल दिया जाता है। मगर हाल ही में यह कमतर होता जा रहा है क्योंकि नौकरीपेशावाली महिलाओं को कानूनी संकट का सामना पेश आ रहा…

इक्कीसवी सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि | भाग-1

इस शोषण को और अधिक व्यापक और गहरा बनाने के उद्देश्य से GATT और व्यापक सर्वंकश बनाने की कोशिश शुरू हुई| वार्ता के कई चक्र होने के बाद उरेगुए चक्र…