लेखक के लेख

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स्वतंत्रता आंदोलन और रामराज्य का आदर्श

हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं। इसी अवधि में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद समाप्त हुआ। अब वहां जन्म स्थान पर…

मंदिर निर्माण के लिए महंत अवैद्यनाथ ने जब चलाया पहला फावड़ा – अयोध्या के योद्धा

अयोध्या आंदोलन के  पक्ष अनेक हैं। अनंत हैं। आंदोलन की पूर्णाहुति के पश्चात इस पर ध्यान दिया जाने लगा है। लेकिन जब कभी इसका अध्ययन होगा और जानने का प्रयास…

अयोध्या आंदोलन के हनुमान थे अशोक सिंहल – रामबहादुर राय

जाने-माने पत्रकार भानुप्रताप शुक्ल ने अपने जीवन के अंतिम दिनों में एक राज खोला। वह यह कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक गुरू जी गोलवलकर से एक दिन पूछ…

रामलला के दाऊ – अयोध्या के योद्धा

एक बार नामज स्थल पर सूअर के घुस जाने की अफवाह फैल गई और उपद्रव के हालात पैदा हो गए। कुछेक मुस्लिम उपद्रवी तत्वों ने खन्ना और दूसरे कांग्रेसियों पर…

वह दूत जो अयोध्या की गलियों में अवधूत बन भटकता है

सनातन संस्कार और अपने तमाम प्रतीकों के सहारे लगातार भारत भूमि पर अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते हुए अपने सफर में सनातन कैसे समृद्ध हो,कैसे संयमी हो,कैसे संकलिप्त हो,कैसे…

भावविह्वल हैं रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तपस्थलियां

ये भावविह्वल हैं। आनंद में निमग्न हैं, सदियां बीत गईं, प्रतीक्षा में। आखिर वह घड़ी आ ही गई। अयोध्या की आध्यात्मिक ऊर्जा के नाभि केन्द्र में रामलला का मंदिर बनने…

कोविड मरीजों को ठीक करने में सफल हो रही, इएसआईसी कानपुर के आयुर्वेदाचार्य डा. अरविंद दुहन की टीम

डा. अरविंद दुहन सिर्फ नाम नही। यह पहचान है आयुर्वेद की। यह पहचान है युवा जोश की। यह पहचान है असाध्य बीमारियों से दो-दो हाथ करने वाले शख्स की। अरविंद…

औपचारिकता भर रह गया डब्ल्यूटीओ, (इक्कीसवीं सदी की भारत यात्रा, भाग-3)

साल 2005 के बाद पूरी दुनिया में “विकास” के बारे में बहस भी शुरू हो गई। 2008 के अमेरिका मे हुई मंदी का अमेरिका पर विशेष प्रभाव पड़ा। अब कर…

राष्ट्रीय चेतना का उभार (इक्कीसवी सदी में भारत की यात्रा – भाग-2)

भारत पहले रूस, फिर थोड़े समय चीन और 1990 से अमेरिका बनने की कोशिश मे लगा। पर ब्राजीलीकरण की ओर बढ़ा। ब्राजील की आबादी उत्तरप्रदेश के बराबर और क्षेत्रफल डेढ़…

भारतीय शिक्षा व्यवस्था, युद्ध कौशल और कारीगरी की परंपरा – रविन्द्र शर्मा गुरूजी

भारत में परिवार, शिक्षा व्यवस्था और कारीगरी की परंपरा के साथ ही युद्ध कौशल पर रवीन्द्र शर्मा गुरू जी की दृष्टि।