भारतीय चरित्र से चमत्कृत थे अंग्रेज
डोनाल्ड लेक नामक एक अमेरिकन ने पांच खंडों में किताब लिखी जिसका नाम है ‘एशिया इन द मैकिंग आफ यूरोप’ इस लेखक ने पहली बार है कि 15वीं शताब्दी या…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
डोनाल्ड लेक नामक एक अमेरिकन ने पांच खंडों में किताब लिखी जिसका नाम है ‘एशिया इन द मैकिंग आफ यूरोप’ इस लेखक ने पहली बार है कि 15वीं शताब्दी या…
राजीव वोरा
हमारे देश में अनेक भाषाएं हैं जिनको कई विद्वान भाषा और बोलियों, दो वर्गों में भी बांटते हैं। प्रारम्भ में संविधान की 8वीं अनुसूची में 14 भाषाएं थीं वह बढ़कर…
परिस्थितियां होती हैं। इसका कारण है। इतना केवल बताकर मैं अपना भाषण पूरा करूंगा। आप यह समझ लीजिए कि यह प्रकृति का नियम है कि जो बात प्रकृति के कर्म…
उदयपुर में जो कुछ हुआ उससे आक्रोश स्वाभाविक है। लेकिन साथ ही सोचने की जरूरत है। 1990 में लुधियाना के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्मेलन में दत्तोपंत ठेंगड़ी का भाषण…