विषय संग्रह

पड़ताल

किसी भी संवैधानिक सुधार की कसौटी यह है कि वह समाज को नैतिकता के पथ पर बढ़ाने में सहायक होती है या नहीं

हिन्दू को एक पंथ तक सीमित करना और हिन्दुओं को बांटने की अंग्रेजों की चाल को हमारे महापुरूषों ने न समझा हो ऐसा नही है। अनेक राष्ट्रीय नेताओं ने इसे…

अंग्रेजों ने हमारे लिए एक दर्पण तैयार किया। हम अपने को कैसे देखें

अंग्रेजों ने अंग्रेजी शिक्षित वर्ग की सोच बदलने के लिए आर्य जाति के सिद्धांत का खूब उपयोग किया। सर हेनरी मेन का एक भाषण इसका उदाहरण है। वे कानून मंत्री…

सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा ही भारत की ताकत है

भारत की पारंपरिक व्यवस्था में समाज की प्रधानता थी। इसलिए यह देश समाज की अदरूनी ताकत और सामाजिक पूंजी के आधार पर चलता था। लेकिन, भारत में जो राज्य व्यवस्था…

क्वाड देशों का सम्मलेन और चीन को चेतावनी

क्वाड नेताओं ने जापान में संपन्न सम्मेलन में एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया |यह बयान इस बात को भी दर्शाता है कि यह  साझेदारी…

पटेल का प्रधानमंत्री न बनना

यह तो कहीं-कहीं छपा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि पटेल जयंती आयोजित करने वाला मैं कौन होता हूं।’ लेकिन यह…