विषय संग्रह

पड़ताल

ब्रिक्स सदस्यों का भू राजनीतिक महत्व

गुट में आना आसान नहीं है. भारत अब किसी खेमे का बनकर नहीं रहना चाहता है. भारत की विदेश नीति की बुनियाद गुटनिरपेक्ष रही है. अब भारत गुटनिरपेक्ष के बदले…

शंघाई सहयोग संगठन की विफलताएँ और आंतरिक कमज़ोरियाँ

ले, बल्कि यह एक संतुलित संगठन का मौक़ा देता है जिससे क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है.” दुनिया में इस समय कई ऐसे संगठन हैं जो अर्थव्यवस्था या सुरक्षा…

इमरजेंसी का सच

इमरजेंसी के इतिहास में 25 जून, 1975 का दोहरा महत्व है। दोहरा इसलिए कि एक तरफ प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी‘परिवार की तानाशाही’ की साजिश रच रही थीं, तो दूसरी तरफ राजधानी…

घोषित इमरजेंसी का राजफास

भारत का हर सजग नागरिक यह तो भलीभांति जानता है कि राजनीतिक नेताओं और पत्रकारों की गिरफ्तारियां पहले ही शुरू हो गई। इमरजेंसी की घोषणा अगले दिन हुई। ऐसा क्यों…

आपातकाल का आईना

इमरजेंसी का अर्थ है, लोकतंत्र की हत्या। इमरजेंसी का दूसरा अर्थ है, अपनी राजगद्दी बचाने के लिए मनमाने ढंग से संविधान को बदनीयती से बदलना। इमरजेंसी का तीसरा अर्थ है, बोलने और जीने…

इमरजेंसी क्यों लगी?

सन 2000 में मैंने चंद्रशेखर से पूछा कि ‘12 जून, 1975 को इंदिरा गांधी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आया। अगर वह फैसला न आता तो भी क्या इंदिरा…

कांग्रेस के पेट में असहनीय दर्द क्यों उठा है?

  लोकसभा का यह आम चुनाव भविष्योन्मुखी है। कैसे और क्यों? यही जानने का विषय है। इससे पहले के ज्यादातर चुनाव अतीत की उलझनों पर केंद्रित होते थे। सिर्फ एक…

अपनो पर नहीं बाहरियों पर है भाजपा को भरोसा

लोकसभा चुनाव - 2024 में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस, सपा, बसपा और आम आदमी पार्टी समेत अनेक क्षेत्रीय दलों से आए नेताओं को दिल खोलकर उम्मीदवार बनाया है। जितिन…