विषय संग्रह

लोक चर्चा

 प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने के लिए कोई रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं….

  सावन के सोमवार का वैसे तो पर्यावरण से कोई सीधा नाता तो नहीं लेकिन मेरे लिए तो है। मैं चारों सोमवार को शिव लिंग पर दूध और जल अर्पन…

अभिशाप से मुक्ति

  मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन गया है। विधेयक के विरोध में राज्यसभा में पहले जैसी गोलबंदी नहीं की…

मध्यकालीन कूप्रथा का अंत

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी तीन तलाक़ विधेयक पारित हो चुका है और जल्दी ही ये क़ानून भी बन जाएगा, इंतज़ार बस राष्ट्रपति की मुहर का है| मुस्लिम महिला…

चंद्रयान 2 उपलब्धियां और चुनौतिया

  आज हम अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा और मिसाइल प्रौद्योगिकी में अपनी उपस्थिति बनाए हुए हैं तो इसका श्रेय जवाहर लाल नेहरू को नहीं, हमारे वैज्ञानिकों को जाता है क्योंकि शीत युद्ध…

योग चित्त के कंपन को शांत करने का तरीका है

महाराष्ट्र के पुणे स्थित राममनी आयंगर मेमोरियल योग इंस्टीट्यूट की स्थापना 19 जनवरी 1975 को की गई थी। यह पंजीकृत ट्रस्ट है। यह आयंगर योग का हृदय और आत्मा है।…

सरकार में सक्रिय चिदंबरम गैंग

  केंद्र सरकार ने आयकर विभाग के मुख्य आयुक्त, प्रधान आयुक्त सहित 12 वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। इन पर भ्रष्टाचार के आरोप थे, जबकि इनमें से…

आंवलें के पेड़ों की छांव और प्रतापगढ़ का बरिया समुद्र गांव

इलाहाबाद.... माफ कीजिएगा जुबान पर पुराना नाम आ ही जाता है... अब प्रयागराज हो गया शहर । इस शहर से कुछ एक 100 किलोमीटर की दूरी पर प्रतापगढ़ जिले में…

सुरक्षा परिषद का स्वरूप बदलना चाहिए

  सुरक्षा परिषद के ढांचे में परिवर्तन की मांग कई वर्ष पहले उठी थी। अब यह जोर पकड़ रही है। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख देशों के बीच आपसी बातचीत के…

राम लोकतांत्रिक हैं क्योंकि अपार शक्ति के बावजूद मनमाने फैसले नहीं लेते

जिसमें रम गए वही राम है. सबके अपने-अपने राम हैं. गांधी के राम अलग हैं, लोहिया के राम अलग. वाल्मीकि और तुलसी के राम में भी फर्क है. भवभूति के…

सरदार पटेल वाकई असरदार थे

  गुजरात में नर्मदा के तट पर सरदार पटेल की 182 मीटर की प्रतिमा का अनावरण स्वतंत्र भारत की एक महत्वपूर्ण घटना है। यह विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा है…

सियासत से एक सवाल है क्या वह राम बनने को तैयार है?

यह सत्ता के भगवा रंग का प्रताप है। एक सन्यासी के सिंहासन पर बैठने का परिणाम है। सांस्कृतिक प्रतीकों के मानो पुनरुत्थान के युग की आहट सूबे मे चहुँओर है,…

प्रयाग.. प्रयाग केवल प्रयाग !

मैंने अपनी निरक्षर और लगभग संपूर्ण जीवन वैधव्य में काटने वाली दादी को कभी अल्लाहाबाद कहते नहीं सुना था । वे ताउम्र प्रयाग ही कहती रहीं । मैं यह साफ़ अनुभव…