विषय संग्रह

वितंडा

आंदोलनजीवी होने का तात्पर्य

भारत में जनसमर्थित आंदोलनों की पृष्ठभूमि बमुश्किल एक सदी पुरानी है. 20वीं सदी के पूर्वांर्ध में देश ने आधुनिक प्रकार के जानांदोलन एवं जनविद्रोह की आयोजना को देखा-समझा. फिर सत्ता…

सनातन मंदिरों पर भेदभाव के आरोप के निहितार्थ

  वास्तव में सनातन समाज के उपासना स्थलों के संबंध में ऐसे कुत्सित धारणाओं एवं विवादों का प्रचार-प्रसार, अनर्गल आरोप, उसकी मिथ्या निंदा द्वारा सनातनियों को लांछित करने की एक अघोषित…

ईशनिंदा कानून की मांग के निहितार्थ

   एक प्रश्न देश के वामपंथी, गाँधीवादी, समाजवादी और उन सभी तथाकथित पंथनिरपेक्षता के अलम्बदारों से हैं जो आये दिन सनातन समाज में बढ़ रहे धार्मिक आग्रह पर लंबी चौड़ी…