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वजूद बचाने की लड़ाई लड़ेगी कांग्रेस

शराब घोटाले में फंसी हुई है। उनके लोगों पर कई और भ्रष्टाचार के आरोप लगे और कई नेताओं को जेल जाना पड़ा। दिल्ली में 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ समाजसेवी…

को कहि सकई प्रयाग प्रभाऊ

प्रयाग वह है जहां का पग-पग पवित्र है। जहां पग-पग पर पुण्य क्षेत्र है। प्रयाग में स्थित सात तीर्थ नायक भी हैं, जो अपने कायाकल्प के साथ धवल युक्त हो…

परंपरा का संगम है प्रयागराज

विरासत का एक भव्य उत्सव है, को हृदय स्थल बनाकर भक्त अपने पापों को धोने के लिए यहां आते हैं। त्रिवेणी संगम पर आने वाले तीर्थयात्री प्रयागराज में कई प्रतिष्ठित…

समरसता का बोध कराता कुंभ

भी हम परिवार, समाज, राष्ट्र,जाति एवं संसार के रूप में मिलकर अमृतकलश की प्राप्ति के लिए परम व्यग्र हैं।धार्मिक अवमूल्यन को रोकने एवं नई दिशा देने हेतु हिंदू धर्म में…

कुंभ महापर्व का वैज्ञानिक आधार

रक्त और बौद्धिक विश्लेषण पर प्रभाव डालता है, इसलिए इसे युद्ध प्रिय बताया गया है।  ‘बुध’ का अलग से प्रभाव नहीं माना जाता। वह तो अन्य प्रभावी ग्रह के साथ…

‘अर्जन’ से ‘विसर्जन’ तक की यात्रा का पड़ाव है कुंभ

‘संभावनाओं’ के गहरे समुद्र का मंथन करता है। इस मंथन से जो रत्न पाते हैं, उनमें धन की प्राप्ति (लक्ष्मी), धन प्राप्ति के उपरान्त आने वाले कुटैव और मद (सुरा),…

तीर्थराज प्रयाग का पौराणिक महत्व

ब्रह्मवैवर्त पुराण एवं कई महान शासकों की गाथाओं में मिलता है। पद्म पुराण की कथा के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि निर्माण के बाद गंगा तट पर सृष्टि का प्रथम…

राष्ट्र निर्माण में अखाड़ों, आश्रमों और धार्मिक केंद्रों की भूमिका

समाज को उग्र व हिंसक सांप्रदायिक विरोध से जूझना पड़ा। फिर वनवासी समाज को दशनामी से जोड़ा गया, जिससे उग्र विरोध का सामना न हो। इन्हीं शस्त्रधारी वनवासियों की जमात…

संत परंपरा और अखाड़े

और भारत के ऋषियों ने अपनी ज्ञान साधना से पूरे समाज को आलोकित किया है। संतों ने अपनी तपस्या से भारत की धरा को पवित्र रखा है। जहां जाने की…

गांधी जी और दीनदयाल उपाध्याय ने देशज ज्ञान को भारत के पुनर्निर्माण का आधार बनाया

इसके ठीक विपरीत पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने नई प्रथा प्रारंभ की। लीक से हटकर चलने की वह प्रथा प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उसी से एकात्म मानव दर्शन निकला। वह भारत…