लेखक के लेख

राकेश सिंह

गांधी क्यों नहीं चाहते थे कि संविधान सभा बैठे

संविधान सभा में ग्राम पंचायत पर हुई बहस को पढ़ने के बाद अनेक भ्रम दूर हो जाते हैं। उस बहस में करीब 50 सदस्यों ने भाग लिया। वे सब स्वतंत्रता…

स्वतंत्र भारत के लिए गांधी का संविधान

जब संविधान की बात करते हैं तो हमें यह समझना होगा कि संविधान बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका किसकी थी। संविधान सभा में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वीएन राव की थी।…

अंग्रेजों ने 16 जून 1945 को ही भारत छोड़ने का निर्णय कर लिया

सेक्रेटरी आफ स्टेट एमरी ने 16 जून 1945 को हाउस आफ कामंस में कहाकि हमने भारत छोड़ने का निर्णय कर लिया है। इसके लिए हमें वहां एक व्यवस्था बनानी होगी।…

कांग्रेस के दो नारे ‘1935 का एक्ट नहीं चाहिए’ और ‘वयस्क मताधिकार पर संविधान सभा चाहिए’

कांग्रेस ने संविधान सभा के लिए अभियान चलाया। हर मंच से मांग की। 19 नवंबर 1939 को गांधी जी ने हरिजन में लिखा कि अगर वयस्क मताधिकार पर आधारित संविधान…

पहली बार जब कांग्रेस ने संविधान सभा की मांग की

हमें यह जानना चाहिए कि संविधान की रचना का विचार कैसे पैदा हुआ और कब हुआ। कांग्रेस ने सबसे पहले मई 1934 में संविधान सभा की मांग उठाई। तारीख थी…

किसी भी संवैधानिक सुधार की कसौटी यह है कि वह समाज को नैतिकता के पथ पर बढ़ाने में सहायक होती है या नहीं

हिन्दू को एक पंथ तक सीमित करना और हिन्दुओं को बांटने की अंग्रेजों की चाल को हमारे महापुरूषों ने न समझा हो ऐसा नही है। अनेक राष्ट्रीय नेताओं ने इसे…

अंग्रेजों ने हमारे लिए एक दर्पण तैयार किया। हम अपने को कैसे देखें

अंग्रेजों ने अंग्रेजी शिक्षित वर्ग की सोच बदलने के लिए आर्य जाति के सिद्धांत का खूब उपयोग किया। सर हेनरी मेन का एक भाषण इसका उदाहरण है। वे कानून मंत्री…

सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा ही भारत की ताकत है

भारत की पारंपरिक व्यवस्था में समाज की प्रधानता थी। इसलिए यह देश समाज की अदरूनी ताकत और सामाजिक पूंजी के आधार पर चलता था। लेकिन, भारत में जो राज्य व्यवस्था…

‘अग्निपथ’ एक परिवर्तनकारी योजना

सेना में शामिल होना स्वैच्छिक होता है अगर कोई शामिल होना चाहता है तो अपनी इच्छा से शामिल होता है |सेना कोई कंपनी या रोजगार एजेंसी नहीं है |अग्निपथ भर्ती…

विश्व बाजार में भारतीय कृषि उत्पाद

पहली बार नरेन्द्र मोदी की सरकार ने अपनी योजनाएं गांव किसान को केन्द्र में रखकर बना रही है। जबकि आजादी के बाद सरकारों नें योजनाएं शहरों को केन्द्र में रखकर…