लेखक के लेख

प्रज्ञा संस्थान

राजा शिव छत्रपति महानाट्य की तैयारी पूरी

छत्रपति शिवाजी महानाट्य के मंच को खास तरीके से तैयार किया गया है। यह चार मंजिला मंच है। इसे त्रिस्तरीय बनाया गया है। मंच पर एक साथ 250 कलाकार इस…

अपनी भाषा अपना देश

मेरे लिए हर्ष का विषय है कि आजादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में बाबा विश्वनाथ की नगरी में पहली बार राजभाषा का सम्मेलन राजधानी के बाहर लाने में हमें…

प्रकृति के नियम का विरोध ही नाश का कारण है

परिस्थितियां होती हैं। इसका कारण है। इतना केवल बताकर मैं अपना भाषण पूरा करूंगा। आप यह समझ लीजिए कि यह प्रकृति का नियम है कि जो बात प्रकृति के कर्म…

आवेश और जोश के साथ सोच भी आवश्यक- दत्तोपंत ठेंगड़ी

उदयपुर में जो कुछ हुआ उससे आक्रोश स्वाभाविक है। लेकिन साथ ही सोचने की जरूरत है। 1990 में लुधियाना के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्मेलन में दत्तोपंत ठेंगड़ी का भाषण…