अभिलेखागार
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लाल किला पर गरजेंगी छत्रपति शिवाजी की तोपें
तीन-तेरह में फंसा विपक्ष
विपक्षी एकता कोई नई बात नहीं है। पहले विपक्षी एकता का आधार वैचारिक होता था अब यह स्वार्थ आधारित हो गया है। लेकिन यह विडंबना ही है कि इन दिनों…
क्यों जरूरी है गंगा संवाद यात्रा – गोविंदाचार्य
अब समय आ गया है जब मानव केन्द्रित विकास की अवधारणा को विकारग्रस्त घोषित करते हुए उसे कालबाह्य मान लिया जाए। उसके स्थान पर प्रकृति और संस्कृति की ओर प्रयाण…
हम विदेशी व्यवस्था को क्यों नहीं बदल पाए
अंग्रेजों का राज तो इस देश पर 200 साल तक रहा। उसके पहले और भी विदेशी शासक आए। लंबे समय तक राज किया। लेकिन वे भारत को नहीं बदल पाए।…
वो गांधी कोई और था, ये गांधी कोई और है
राजनीतिज्ञ गांधी
महात्मा गांधी एक पहेली बना दिए गए हैं। इस कारण उन्हें जानने के लिए कई गुत्थियों को सुलझाना जरूरी हो जाता है। संभवत: यही समझकर अलबर्ट आइंस्टीन ने सच ही…
भारतीय चरित्र से चमत्कृत थे अंग्रेज
डोनाल्ड लेक नामक एक अमेरिकन ने पांच खंडों में किताब लिखी जिसका नाम है ‘एशिया इन द मैकिंग आफ यूरोप’ इस लेखक ने पहली बार है कि 15वीं शताब्दी या…
भारतीय समाज को राष्ट्रीय समाज के रूप में विकसित नहीं कर पाए
संविधान सभा में डा. अंबेडकर की भूमिका
भारत में अंग्रेजी : तमस की भाषा
राजीव वोरा
अपनी भाषा अपना देश
मेरे लिए हर्ष का विषय है कि आजादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में बाबा विश्वनाथ की नगरी में पहली बार राजभाषा का सम्मेलन राजधानी के बाहर लाने में हमें…










