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पहली बार जब कांग्रेस ने संविधान सभा की मांग की

हमें यह जानना चाहिए कि संविधान की रचना का विचार कैसे पैदा हुआ और कब हुआ। कांग्रेस ने सबसे पहले मई 1934 में संविधान सभा की मांग उठाई। तारीख थी…

किसी भी संवैधानिक सुधार की कसौटी यह है कि वह समाज को नैतिकता के पथ पर बढ़ाने में सहायक होती है या नहीं

हिन्दू को एक पंथ तक सीमित करना और हिन्दुओं को बांटने की अंग्रेजों की चाल को हमारे महापुरूषों ने न समझा हो ऐसा नही है। अनेक राष्ट्रीय नेताओं ने इसे…

अंग्रेजों ने हमारे लिए एक दर्पण तैयार किया। हम अपने को कैसे देखें

अंग्रेजों ने अंग्रेजी शिक्षित वर्ग की सोच बदलने के लिए आर्य जाति के सिद्धांत का खूब उपयोग किया। सर हेनरी मेन का एक भाषण इसका उदाहरण है। वे कानून मंत्री…

सामाजिक और सांस्कृतिक परंपरा ही भारत की ताकत है

भारत की पारंपरिक व्यवस्था में समाज की प्रधानता थी। इसलिए यह देश समाज की अदरूनी ताकत और सामाजिक पूंजी के आधार पर चलता था। लेकिन, भारत में जो राज्य व्यवस्था…

आवेश और जोश के साथ सोच भी आवश्यक- दत्तोपंत ठेंगड़ी

उदयपुर में जो कुछ हुआ उससे आक्रोश स्वाभाविक है। लेकिन साथ ही सोचने की जरूरत है। 1990 में लुधियाना के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्मेलन में दत्तोपंत ठेंगड़ी का भाषण…