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पराई आधुनिकता

जब 1947 में हमने ब्रिटिश शासन को विदा करके अपनी स्वतंत्रता फिर स्थापित की थी तो अपने मन में यह सोच लिया था कि औपनिवेशिक दौर समाप्त हुआ। अब हम…

मौलिक व्यक्तित्व के नेता थे कल्याण सिंह

कल्याण सिंह एक मौलिक व्यक्तित्व के  नेता थे।वे किसी की नकल नहीं करते थे। उनका अपना सब कुछ मौलिक था। चिंतन ,भाषण ,लेखन यहां तक कि कपड़े भी अपने तरीके…

संसदीय इतिहास में दर्ज है कल्याण सिंह और रोमेश भंडारी की बहस

बात है 17 अक्टूबर 1996 की। यह वही दिन था जिस दिन उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा। विधान सभा को निलंबित रखा गया। राज्यपाल था रोमेश भंडारी। जबकि राजभवन…

“गांव उठेगा, देश उठेगा” कवि कल्याण सिंह

अपनी सघन और गहरी अनुभूतियों को कल्याण सिंह बिना कीसी शास्त्र या अनुशासन का पालन किये शब्द देते हैं। कतार के आखिरी आदमी की पीड़ा उनकी कविता के आशय में…