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हिन्दुस्तान का हर एक घर विद्यापीठ है, महाविद्यालय है; मां-बाप आचार्य हैं।

गांधी जी ने गुजरात महाविद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर भाषण दिया। यह भाषण गुजराती में था। गांधी जी के इस भाषण को गुजराती नवजीवन में 18 नवंबर 1920 को…

आत्मसंयम, अनुशासन और बलिदान के बिना राहत या मुक्ति की आशा नहीं की जा सकती

गांधी जी ने 20 अक्टूबर 1920 को यंग इंडिया में एक लेख लिखा। इस लेख के जरिए गांधी जी ने प्रशिक्षित स्वंसेवकों की आवश्यकता को समझाया। उन्होंने इस लेख से…

असहयोग के समर्थन में कुछ बातें

गांधी जी ने गुजराती के नवजीवन, 3-10-1920 अंक मेंं असहयोग पर लिखा। इस लेख के इस वाक्य से इसका सार समझ सकते हैं।अगर शिक्षकों में वीरता या बहादुरी आ जाए,…

पुरूषार्थ से ही मिलेगा स्वराज

गांधी जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय उद्घाटन समारोह में 4.2.16 को दिया। गांधी जी का यह यादगार भाषण हमारे लिए एक राह दिखाता है। एक ऐसा रास्ता जो हमें स्वराज…

विचार में शक्ति संकल्प से आती है, वैसा ही है आजादी के अमृत महोत्सव का संकल्प

विचार में शक्ति संकल्प से आती है। आजादी के अमृत महोत्सव का संकल्प वैसा ही है, जैसा महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह का था। वह पराधीनता से पूरी मुक्ति का…