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इक्कीसवीं सदी का भारत-अमीर देशों की कठपुतली हैं वैश्विक संस्थाएं

जैसा कई बार कहा जा चुका है कि समाज मे पिछले 500 वर्षों मे जो बदलाव आया है उतना बदलाव पिछले 5000 वर्षों मे नही आया।उपनिवेशवाद, हथियारवाद, टेक्नोलॉजी, साम्राज्यवाद, आदि…

भारत को समझें, रविन्द्र शर्मा गुरूजी की दृष्टि से

रविन्द्र शर्मा गुरू जी आज हम सबके बीच नही है, लेकिन गुरूजी हमे भारत को समझने की दृष्टि देते हैं। इस बातचीत में गुरू जी कारीगरी का सामर्थ्य, भारत की…

राधा स्वामी सत्संग की मानवता; आप-भाजपा की राजनीति

दिल्ली में 10 हजार बिस्तर क्षमता वाला सरदार पटेल कोविड देखभाल केंद्र एवं अस्पताल तैयार किया गया है। अस्पताल का श्रेय लेने के लिए आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार…

प्रभाष प्रसंग में ‘गांधी होते तो क्या करते-नौ सूत्री कार्यक्रम’ विषय पर होगा डा. अभय बंग का व्याख्यान

सर्वोदय विचार के गांधीवादी परिवार में श्री अभय बंग का जन्‍म हुआ। वर्धा, महाराष्‍ट्र में ठाकुरदास और सुमन बंग के घर सन् 1950 में वे जन्‍में। सर्वोदय आंदोलन से जुड़े…

इंदिरा और आपातकाल – पद्मश्री राम बहादुर राय

आज से 45 वर्ष पूर्व 25-26 जून 1975 की दरम्यानी रात को कांग्रेस की तानाशाह इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर भारत के लोकतंत्र का अपहरण कर लिया था, दमनकारी MISA…

गांवों की भूमिका विषय पर रविन्द्र शर्मा गुरू के विचार

विज्ञान, कला, आध्यात्मिकता और सामाजिक अर्थशास्त्र भारत के गांवों की महत्वपूर्ण चीजें थी। आज जब कोरोना की महामारी से दुनिया तबाह है तो भारत के गांव देश को रास्ता दिखा…

मौन मे डूब गई जन आंदोलन की दमदार आवाज

मानवाधिकार की दमदार आवाज़ अनंताकाश के मौन मे डूब गई। वे बेजुबानो की आवाज थे। खुद चरैवेति-चरैवेति ऋषि परंपरा के अनिकेत थे। फिर भी न जाने कितनों को घर-गृहस्थी से…

चीनी जूम की धुन पर झूम रही बीजेपी

गृह मंत्रालय महीनों से चीनी जूम एप से लोगों को आगाह कर रहा है। यह एप विश्वसनीय नही हैं। इसके इस्तेमाल से आपका डाटा सुरक्षित नही। इस तरह भारत की…

हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय के विचार – पत्रकारिता के नए प्रश्न

हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय के विचार - पत्रकारिता के नए प्रश्न