लेखक के लेख

प्रज्ञा संस्थान

नई रीति नीति जरूरी – रामबहादुर राय

कोराना की दूसरी लहर में हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए? यह प्रश्न इसलिए है क्योंकि राजनीतिक नेतृत्व इस संकट में भी अपनी सद्बुद्धि को जगा नहीं पा रहा है। वास्तव…

भारतीयता के आदर्श हैं राम  

पूरी दुनिया में भारत की पहचान धर्म के आधार पर बनी है। भारत की पहचान यहाँ जन्में अवतारों के कारण बनी है। इससे बढ़कर भगवान के जो नित्य अवतार हैं;…

सामाजिक शक्ति के जागरण का पर्व है ‘अयोध्या पर्व’

अयोध्या पर्व की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि रामलला का मुकदमा हम जीत गए। जब पिछले साल अयोध्या पर्व शुरू हुआ था तो किसने सोचा था कि सुप्रीम कोर्ट…

अयोध्या मिथिला का संबंध जीवन की दो धाराओं का संबंध है – आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण

शास्त्रों का एक सिद्धांत है कि प्रयत्न से फल नहीं मिलते, पुण्य से फल मिलते हैं। प्रयास से ही फल मिलतो तो दुनिया में श्रमिक ही सबसे महान हो जाएँ।…

राजा-प्रजा के नैतिक आचरण का राज्य ही है रामराज्य

अयोध्या का रामराज्य से क्या संबंध है? गांधी जी ने रामराज्य को क्यों चुना? और तीसरी बात यह कि गांधी जी के लिए रामराज्य का क्या अर्थ था? अयोध्या एक…