धीमी पत्रकारिता का सत्याग्रही संपादक
इसाबेल हॉफ्मायर आजकल खबरें बिजली की गति से चलती हैं। यह पत्रकारिता पाठक की आंख से होते हुए सीधे उसकी जेब में उतरना चाहती है। ऐसे में सन् 1898 में दक्षिण अफ्रीका…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
इसाबेल हॉफ्मायर आजकल खबरें बिजली की गति से चलती हैं। यह पत्रकारिता पाठक की आंख से होते हुए सीधे उसकी जेब में उतरना चाहती है। ऐसे में सन् 1898 में दक्षिण अफ्रीका…
गाँधीजी को याद करने की दो तारीखें तय हैं। 2 अक्टूबरः जन्म। 30 जनवरीः हत्या। सरकारी कैलेंडर में ये तारीखें और दिल्ली की गाँधी समाधी रस्म अदायगी के खूंटे…