लेखक के लेख

पीएन द्विवेदी

कुंभ की शोभा हैं अखाड़े

बनने की प्रक्रिया भी बड़ी जटिल है। दीक्षा लेने से पहले उन्हें खुद का पिंडदान और श्राद्ध तर्पण तक करना पड़ता है। कोई व्यक्ति जब संन्यासी बनने के लिए किसी…