लेखक के लेख

शरद शर्मा

समरसता का बोध कराता कुंभ

भी हम परिवार, समाज, राष्ट्र,जाति एवं संसार के रूप में मिलकर अमृतकलश की प्राप्ति के लिए परम व्यग्र हैं।धार्मिक अवमूल्यन को रोकने एवं नई दिशा देने हेतु हिंदू धर्म में…