लेखक के लेख

राजेंद्र पांडेय

चिंतन…

राम मंत्र हैं, जीवन का तंत्र हैं, जीवन की सफलता का यंत्र हैं। राम अजुध्या हैं। अयोध्या राम है। अजुध्या है तो राम हैं। आदिकाल से हैं। राम श्रद्धा भी…

अद्भुत है अयोध्या

ऋषि, मुनि, योगी, तपस्वी, साधक, ब्राह्मण अति प्रिय हैं। दर्शन और उपदेश ग्रहण करते हैं। प्रतिष्ठा प्रदान करते हैं। सृजन करने वालों को अभय। धर्म की रक्षा करते हैं। नारी…

श्री हरि के अवतारों की लीला भूमि अयोध्या – अहो अयोध्या

श्री हरि विष्णु ने रक्ष संस्कृति के विनाश के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां श्रीराम के रूप में अवतार लिया था। यह अवातर त्रेता युग में हुआ था…

महर्षि ने कराया दो राजवंशों का मिलन – अहो!अयोध्या

श्री राम और लक्ष्मण की जनकपुर यात्रा ने अयोध्या और मिथिला की संस्कृतियों को एकाकार करने में महती भूमिका निभाई। दोनों राज्यों के बीच पडऩे वाले क्षेत्र भय मुक्त हुए।…

जहं जहं चरण पड़े रघुवर के

भारत के भूगोल की देह ऐसी है, जिस पर कदम दर कदम ऋषियों ने महनीय हस्ताक्षर किए हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जैसा जननायक अयोध्या से श्रीलंका के बीच जहां भी…

मानस के सूक्ष्म लोक का हवनकुंड

मानस के सूक्ष्म लोक का हवनकुंड अयोध्या को लेकर पुराणों में जगह-जगह उद्धरण मिलते हैं। मनु से बसाई गई अयोध्या को विश्व की पहली राजधानी के रूप में कहा गया…