लेखक के लेख

डॉ. मोनिका शर्मा

जीवन से बढ़कर नहीं हैं परीक्षाएँ

बर्ताव बच्चों के लिए  असहनीय मानसिक दबाव को बढ़ाने वाली बन जाती हैं | विशेषकर किशोरवय बच्चों के लिए तो पढ़ाई का तनाव, परीक्षा का दबाव, सहपाठियों से प्रतिस्पर्धा और अपनों की…

सवालों में सहजीवन रिश्ते

   विडम्बना ही है कि मौजूदा दौर की महानगरीय संस्कृति में विसंगतियों से भरे इन रिश्तों को क्रांतिकारी माना जा रहा है | जबकि ऐसे संबंध जीवन की व्यवहारिकता से…