लेखक के लेख

जवाहरलाल कौल

भरातीयों के ह्रदय में समायी है राम की मर्यादा

मर्यादायें सोच समझ कर विवेक को कसौटी पर कस कर समाज और मनुष्य की आवश्कताओं को परख कर बनाई जाती है, स्थापित की जाती है और रूढ़ियाँ अपने आप बन…

संविधान की पहली प्रति, एक कलात्मक प्रस्तावना

जब नंदलाल बसु को हमारे संविधान की मूल प्रति के चित्रांकन का काम सौंपा गया था तो वह कोई सरकारी या अर्ध-सरकारी प्रस्ताव तो नहीं रहा होगा। जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन…

संपादक के तौर पर गाँधी

  हम आज पहले ये जानने की कोशिश करते है की जिसे हम पत्रकारिता कहते है या जिसे हम मीडिया कहते है उसकी संस्कृति क्या है। तब हम ये समझ…

गांधी मूलरूप से संवादी पत्रकार थे – ‘गांधी की पत्रकारिता’ पुस्तक अंश

'गांधी की पत्रकारिता' पुस्तक अंश इंगलैंड जाने से पहले गांधी एक सामान्य जिज्ञासु विद्यार्थी थे। इंगलैंड वे पत्राकारिता करने नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई, कैरियर या व्यावसायिक प्रगति के लिए गए…