वैचारिक पत्रकारिता के अपराजेय योद्धा थे शीतला सिंह
अद्भुत जिजीविषा के धनी थे कीर्ति शेष सम्पादक/पत्रकार शीतला सिंह। उनमें विचारों की भट्टी सदा धधकती रही। वे एक विशेष प्रकार की आग को धारण किए हुए थे। समाज-राष्ट्र के…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
अद्भुत जिजीविषा के धनी थे कीर्ति शेष सम्पादक/पत्रकार शीतला सिंह। उनमें विचारों की भट्टी सदा धधकती रही। वे एक विशेष प्रकार की आग को धारण किए हुए थे। समाज-राष्ट्र के…
ये भावविह्वल हैं। आनंद में निमग्न हैं, सदियां बीत गईं, प्रतीक्षा में। आखिर वह घड़ी आ ही गई। अयोध्या की आध्यात्मिक ऊर्जा के नाभि केन्द्र में रामलला का मंदिर बनने…
मानवाधिकार की दमदार आवाज़ अनंताकाश के मौन मे डूब गई। वे बेजुबानो की आवाज थे। खुद चरैवेति-चरैवेति ऋषि परंपरा के अनिकेत थे। फिर भी न जाने कितनों को घर-गृहस्थी से…
गृह मंत्रालय महीनों से चीनी जूम एप से लोगों को आगाह कर रहा है। यह एप विश्वसनीय नही हैं। इसके इस्तेमाल से आपका डाटा सुरक्षित नही। इस तरह भारत की…
इंद्रियाँ है तो उसे रस तो चाहिए ही। रसहीन तो बेरस होता है। सोमपाई तो हमारे पुरखे थे। सोमरस से मिले अद्भुत आनंद का गान अथर्ववेद मे हुआ है। हिमालय…
आबोहवा में उदासी घुली है। बेदर्द वक्त की ध्वनियों में असहायता के स्वर है। ह्दय में अकेलेपन के दर्द की उठती लहरियां है। सब कुछ अनहोनी खामोश लहरिया है। नि:शब्द…
आफत के काल में सांसत के रेले है। फिर भी दम-ब-दम बेदम होने के बाद भी दम शरीर में बना हुआ है। कोरोना के पूर्व प्राण पखेरू के उड़ान का…
मज़दूरों के व्यथा की गवाह बनी सड़कें। उनके दुख - दर्द से भरे दारुण कथा को बयाँ कर रही थी। हाड़ तोड़ खटने के बाद भी ‘ एक चिथड़ा सुख…
'अहो! अयोध्या' ऐसी पुस्तक है जो आपको अयोध्या की यात्रा पर ले जाती है। इस यात्रा का हर पड़ाव नया कुछ जानने समझने का अवसर उपलब्ध कराता है। रामजी के…
भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैभवपूर्ण बनाने की परंपरा में अयोध्या से निकले वनवासी श्रीराम की यात्रा मील का पत्थर है। १४ साल की यात्रा के दौरान वनवासी श्रीराम ने…