लेखक के लेख

उमेश सिंह

वैचारिक पत्रकारिता के अपराजेय योद्धा थे शीतला सिंह

अद्भुत जिजीविषा के धनी थे कीर्ति शेष सम्पादक/पत्रकार शीतला सिंह। उनमें विचारों की भट्टी सदा धधकती रही। वे एक विशेष प्रकार की आग को धारण किए हुए थे। समाज-राष्ट्र के…

भावविह्वल हैं रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तपस्थलियां

ये भावविह्वल हैं। आनंद में निमग्न हैं, सदियां बीत गईं, प्रतीक्षा में। आखिर वह घड़ी आ ही गई। अयोध्या की आध्यात्मिक ऊर्जा के नाभि केन्द्र में रामलला का मंदिर बनने…

मौन मे डूब गई जन आंदोलन की दमदार आवाज

मानवाधिकार की दमदार आवाज़ अनंताकाश के मौन मे डूब गई। वे बेजुबानो की आवाज थे। खुद चरैवेति-चरैवेति ऋषि परंपरा के अनिकेत थे। फिर भी न जाने कितनों को घर-गृहस्थी से…

चीनी जूम की धुन पर झूम रही बीजेपी

गृह मंत्रालय महीनों से चीनी जूम एप से लोगों को आगाह कर रहा है। यह एप विश्वसनीय नही हैं। इसके इस्तेमाल से आपका डाटा सुरक्षित नही। इस तरह भारत की…

मैकदा तो मेरी बस्ती के कई घर पी गया..!

इंद्रियाँ है तो उसे रस तो चाहिए ही। रसहीन तो बेरस होता है। सोमपाई तो हमारे पुरखे थे। सोमरस से मिले अद्भुत आनंद का गान अथर्ववेद मे हुआ है। हिमालय…

गौरैये की चूं-चूं से ‘ध्वनि-स्नान’

आबोहवा में उदासी घुली है। बेदर्द वक्त की ध्वनियों में असहायता के स्वर है। ह्दय में अकेलेपन के दर्द की उठती लहरियां है। सब कुछ अनहोनी खामोश लहरिया है। नि:शब्द…

अयोध्या के रंग में रंगा वृहत्तर भारत

'अहो! अयोध्या' ऐसी पुस्तक है जो आपको अयोध्या की यात्रा पर ले जाती है। इस यात्रा का हर पड़ाव नया कुछ जानने समझने का अवसर उपलब्ध कराता है। रामजी के…

सांस्कृतिक सूर्य का तूर्यनाद

भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैभवपूर्ण बनाने की परंपरा में अयोध्या से निकले वनवासी श्रीराम की यात्रा मील का पत्थर है। १४ साल की यात्रा के दौरान वनवासी श्रीराम ने…