लेखक के लेख

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प्रकृति अजेय है, हम नहीं

विश्व में कोरोना वायरस का संक्रमण चीन से हुआ है। लेकिन उसका सबसे घातक प्रभाव अमेरिका और यूरोप के सबसे समृद्ध देशों पर पड़ा है। अप्रैल के तीसरे सप्ताह के…

जिन्ना को चर्चिल की शह – रामबहादुर राय

प्रो. एम.एन. दास को जिन्ना और विंसटन चर्चिल के पत्रों में एक रहस्यमय पत्र मिला। चर्चिल ने जिन्ना को लिखा था कि वह उन्हें मिस इ.ए.गिलिपिट के नाम से पत्र…

‘कोरोना के बाद राज्य व्यवस्था की पुनर्रचना’ विषय पर मनीषी राम बहादुर राय का व्याख्यान

'कोरोना के बाद राज्य व्यवस्था की पुनर्रचना' विषय पर मनीषी राम बहादुर राय का व्याख्यान दिनाँक 04/02/2020

गौरैये की चूं-चूं से ‘ध्वनि-स्नान’

आबोहवा में उदासी घुली है। बेदर्द वक्त की ध्वनियों में असहायता के स्वर है। ह्दय में अकेलेपन के दर्द की उठती लहरियां है। सब कुछ अनहोनी खामोश लहरिया है। नि:शब्द…

जब जय जय सीताराम बन गया अवध के किसानों का नारा

भारत में किसान आंदोलनों का इतिहास गौरवशाली रहा है। ऐसे आंदोलनों में अवध किसान आंदोलन सबसे अहम माना जाता है। सौ साल पहले उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ के रुरे गांव…

कितनी भोली हैं सोनिया?

सामाजिक राजनैतिक जीवन के हर व्यक्ति पर बहस होनी चाहिए, यह जरूरी है। क्युकी उससे देश प्रभावित होता है। कोई अपवाद नहीं हो सकता है। अर्णव हम आपके शुक्रगुजार है…

कला और संस्कृति की भूमिका – रामबहादुर राय

यह महासंकट का समय है। ऐसे समय में मनोवृति कैसे बदल जाती है इसे यह घटना बताती है एक सौ चैदह साल पुरानी बात है। महात्मा गांधी आचार्य जे.बी. कृपलानी…