लेखक के लेख

admin

शक के घेरे में चीन

सबसे बड़ी समस्या यह है कि इन नए-नए वायरसों का जब तक कोई उपचार खोजा जाता है, वह बड़ी आबादी को अपनी चपेट में लेकर अपना रौद्र रूप दिखा चुका…

हरित क्रांति – क्या पाया, क्या खोया?

भारत में हरित क्रांन्ति की शुरुआत सन 1966-67 से हुई। इसकी शुरूआत का श्रेय नोबल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर नारमन बोरलॉग को जाता है। हरित क्रांन्ति का उद्देश्य अन्न उत्पादन को…

धर्म राजाओं का भी राजा है

जनवरी 20, 1947 पं. जवाहरलाल नेहरू द्वारा विधान परिषद् में प्रस्तुत किए गए लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव पर द्वितीय चरण की बहस का आरंभ डॉ. राधाकृष्णन के इसी भाषण से हुआ, अध्यक्ष…

अपना – अपना स्वधर्म

दूसरे का धर्म सरल मालूम हो तो भी उसे स्वीकार नहीं करना चाहिए। बहुत बार सरलता आभासमात्र ही होती है। घर गृहस्थी में बाल बच्चो की देखभाल नहीं कर पाता,…

क्या जैविक हथियार है कोरोना?

कोराना वायरस दुनिया की नींद उड़ा चुका है। इसे जैविक हथियार के रूप में देखने वालों की कमी नहीं है। चीन के जिस वुहान शहर से यह वायरस दुनिया में…

महर्षि ने कराया दो राजवंशों का मिलन – अहो!अयोध्या

श्री राम और लक्ष्मण की जनकपुर यात्रा ने अयोध्या और मिथिला की संस्कृतियों को एकाकार करने में महती भूमिका निभाई। दोनों राज्यों के बीच पडऩे वाले क्षेत्र भय मुक्त हुए।…

अयोध्या के रंग में रंगा वृहत्तर भारत

'अहो! अयोध्या' ऐसी पुस्तक है जो आपको अयोध्या की यात्रा पर ले जाती है। इस यात्रा का हर पड़ाव नया कुछ जानने समझने का अवसर उपलब्ध कराता है। रामजी के…

कोरोना के आगे लाचार इटली

कोरोना वायरस का पहला केस चीन के वुहान शहर में बीते साल दिसंबर में सामने आया था | महज़ कुछ हफ़्तों में ही यह वायरस दुनिया के लगभग हर देश…

जहं जहं चरण पड़े रघुवर के

भारत के भूगोल की देह ऐसी है, जिस पर कदम दर कदम ऋषियों ने महनीय हस्ताक्षर किए हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जैसा जननायक अयोध्या से श्रीलंका के बीच जहां भी…