विषय संग्रह

इतिहास

हिन्दुस्तान का हर एक घर विद्यापीठ है, महाविद्यालय है; मां-बाप आचार्य हैं।

गांधी जी ने गुजरात महाविद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर भाषण दिया। यह भाषण गुजराती में था। गांधी जी के इस भाषण को गुजराती नवजीवन में 18 नवंबर 1920 को…

पुरूषार्थ से ही मिलेगा स्वराज

गांधी जी ने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय उद्घाटन समारोह में 4.2.16 को दिया। गांधी जी का यह यादगार भाषण हमारे लिए एक राह दिखाता है। एक ऐसा रास्ता जो हमें स्वराज…

सामाजिक शक्ति के जागरण का पर्व है ‘अयोध्या पर्व’

अयोध्या पर्व की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि रामलला का मुकदमा हम जीत गए। जब पिछले साल अयोध्या पर्व शुरू हुआ था तो किसने सोचा था कि सुप्रीम कोर्ट…

प्राचीन भारत में जल मार्ग

भारत सदियों से समुद्री मार्ग से परिचित रहा है। समुद्रमार्ग से जहां दूसरे देशों से व्यापार होता रहा वहीं नदी मार्ग से देश के अंदर यातायात की शानदार परंपरा रही…

भारतीय सभ्यता का संघर्ष

भारत में 15 अगस्त को ब्रिटिश शासन से मुक्ति के रूप में याद किया जाता है। इस आधार पर यह मान लिया जाता है कि समस्त भारतवासी उससे पहले अंग्रेजों…

अयोध्या के योध्दा – रामचंद्रदास परमहंस

अक्टूबर 2000 में केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक में  महंत रामचंद्रदास परमहंस को मंदिर निर्माण समिति का अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुना गया था। जनवरी, 2002 में अयोध्या से दिल्ली तक…

रामलला के दाऊ – अयोध्या के योद्धा

एक बार नामज स्थल पर सूअर के घुस जाने की अफवाह फैल गई और उपद्रव के हालात पैदा हो गए। कुछेक मुस्लिम उपद्रवी तत्वों ने खन्ना और दूसरे कांग्रेसियों पर…

इनकी जाहिलियत ऐसी कि डगमगा गई थी गांधी की अहिंसा

जाहिलों की जाहिलियत जारी है। जाहिलियत एक सोच है। अगर यह सोच किसी मजहब का आधार ही बन जाए तो समझो कि खतरा आपके सबसे करीब है। इससे निपटने के…

काफिर देश में तबलीगी जमात – शंकर शरण

यह हमारे राजनीतिक-बौद्धिक जीवन का बैरोमीटर है कि जिस संस्था के काम से पिछले सौ साल से पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है, और ठीक राजधानी दिल्ली में जिस का…

जहं जहं चरण पड़े रघुवर के

भारत के भूगोल की देह ऐसी है, जिस पर कदम दर कदम ऋषियों ने महनीय हस्ताक्षर किए हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जैसा जननायक अयोध्या से श्रीलंका के बीच जहां भी…