विषय संग्रह

इतिहास

गणेश और आधुनिक बुद्धिजीवी

मुझे लगता है कि यदि मैं ‘बौद्ध धर्म और आधुनिक बौद्धिकता’ पर कुछ कहता तो अधिकांश लोग गौर नहीं करते। लेकिन गणेश? मुझे हमेशा ही या तो गहरी निराशा या…

यूरोप की शिक्षा का स्वरूप

  आज यह बात सर्वमान्य लगती है कि पिछली लगभग एक शताब्दी में यूरोपीय शिक्षा का जो स्वरूप उभर कर आया है, वह सबके लिए उपादेय है। आप अगर भौतिक…

यूरोपीय विज्ञान की दिशा

उन्नसवीं शताब्दी तक यूरोपीय एक अमर्यादित, आक्रामक और पराक्रमी जाति के रूप में जाने जाते थे। लेकिन बीसवीं सदी में उन्होंने जो वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय उपलब्धियों  कीं, उसके बाद उनकी…

वह तो काल परिवर्तन था

छत्रपति शिवाजी के उदय और मराठा राज्य की स्थापना ने भारत का राजनैतिक परिदृश्य बदल दिया था। अठारहवीं शताब्दी के मध्य तक मराठों के शासन का विस्तार मुगलों से भी…

सेमेटिक विश्व और धार्मिक विश्व

अपनी चीन यात्रा पर जाने से पहले बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि इक्कीसवीं सदी में एशिया विश्व का…

यूरोप की राज्य केंद्रित व्यवस्था

उन्नीस सौ पचास के आसपास विश्व के अधिकांश देश यूरोपीय शक्तियों के औपनिवेशिक नियंत्रण से तो मुक्त हो गए, लेकिन उन पर यूरोप के आर्थिक-राजनैतिक विचारों और संस्थाओं का नियंत्रण…

पाशविकता की विजय

पहले विश्व युद्ध में उस्मानी सेनाओं की पराजय के बाद विश्व का लगभग 84 प्रतिशत भाग यूरोपीय शक्तियों की इच्छा के आधीन हो गया था। अपनी राजनैतिक शक्ति के इस…

यूरोप का फ्यूडलिज्म

यूरोप का फ्यूडलिज्म बनवारी नौवीं शताब्दी में जब यूरोप स्वरूप ले रहा था, भारतवंशियों के राज्य मध्य एशिया से लगाकर दक्षिण पूर्व एशिया तक के विशाल क्षेत्र में फैले हुए…

गो रक्षा आंदोलन तो अंग्रेजों के खिलाफ था

गो रक्षा आंदोलन तो अंग्रेजों के खिलाफ था रामबहादुर राय धर्मपाल की नई किताब से गो रक्षा के लिए चले लंबे आंदोलन की जानकारी मिलती है। हमारे नामी इतिहासकारों ने…

मुगलकाल का पुनर्मूल्यांकन

मुगलकाल का पुनर्मूल्यांकन बनवारी इस्लाम के उदय के कुछ समय बाद आठवीं शताब्दी में भारत पर भी मुस्लिम आक्रमण आरंभ हो गए थे। लेकिन अरब आक्रमणकारियों का उद्देश्य राजधानियों और…

जब पुर्तगालियों ने हिंदुस्तान का इतिहास बदल कर रख दिया

आठ जुलाई 1497, शनिवार का दिन, वो दिन जिसे पुर्तगाल के शाही ज्योतिषयों ने बड़ी सावधानी से चुना था. राजधानी लिस्बन की गलियों में जश्न का सा माहौल है. लोग…

क्या प्राचीन भारत का हिंदू वाक़ई सहिष्णु था?

प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय इतिहास के विशेषज्ञ द्विजेंद्र नारायण झा वो भारतीय इतिहासकार हैं जिन्होंने 'मिथ ऑफ़ द होली काउ' जैसी किताब लिखी जिसमें वे साबित करते हैं कि प्राचीन…