लेखक के लेख

के .एन .गोविंदाचार्य

औपचारिकता भर रह गया डब्ल्यूटीओ, (इक्कीसवीं सदी की भारत यात्रा, भाग-3)

साल 2005 के बाद पूरी दुनिया में “विकास” के बारे में बहस भी शुरू हो गई। 2008 के अमेरिका मे हुई मंदी का अमेरिका पर विशेष प्रभाव पड़ा। अब कर…

राष्ट्रीय चेतना का उभार (इक्कीसवी सदी में भारत की यात्रा – भाग-2)

भारत पहले रूस, फिर थोड़े समय चीन और 1990 से अमेरिका बनने की कोशिश मे लगा। पर ब्राजीलीकरण की ओर बढ़ा। ब्राजील की आबादी उत्तरप्रदेश के बराबर और क्षेत्रफल डेढ़…

इक्कीसवीं सदी का भारत-अमीर देशों की कठपुतली हैं वैश्विक संस्थाएं

जैसा कई बार कहा जा चुका है कि समाज मे पिछले 500 वर्षों मे जो बदलाव आया है उतना बदलाव पिछले 5000 वर्षों मे नही आया।उपनिवेशवाद, हथियारवाद, टेक्नोलॉजी, साम्राज्यवाद, आदि…