लेखक के लेख

के .एन .गोविंदाचार्य

खेती और पशुपालन भाग – 2 जमीन की समस्या

करना चाहता हूँ और इसलिए वर्गयुद्ध की अनिवार्यता मैं स्वीकार नहीं करता। कम-से-कम संघर्ष का रास्ता लेना मेरे लिए अहिंसा के प्रयोग का एक जरूरी अंग है। जमीन पर मेहनत…

इक्कीसवी सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि | भाग-2

पहली धारा के सहमना गतिविधियाँ, समूहों के रूप मे दिखाई पड़ती है| वह पहली धारा भारतवर्ष की राष्ट्रीय चेतना की उभार है| 1980 के बाद से राष्ट्रवादी धारा का आग्रह बढ़ता…

इक्कीसवी सदी की भारत की यात्रा-एक पृष्ठभूमि | भाग-1

इस शोषण को और अधिक व्यापक और गहरा बनाने के उद्देश्य से GATT और व्यापक सर्वंकश बनाने की कोशिश शुरू हुई| वार्ता के कई चक्र होने के बाद उरेगुए चक्र…

क्यों जरूरी है गंगा संवाद यात्रा – गोविंदाचार्य

अब समय आ गया है जब मानव केन्द्रित विकास की अवधारणा को विकारग्रस्त घोषित करते हुए उसे कालबाह्य मान लिया जाए। उसके स्थान पर प्रकृति और संस्कृति की ओर प्रयाण…