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आंदोलनजीवी होने का तात्पर्य
भारत में जनसमर्थित आंदोलनों की पृष्ठभूमि बमुश्किल एक सदी पुरानी है. 20वीं सदी के पूर्वांर्ध में देश ने आधुनिक प्रकार के जानांदोलन एवं जनविद्रोह की आयोजना को देखा-समझा. फिर सत्ता…
याद रहेंगी ब्रिटेन की अभिनेत्री, सोशलिस्ट मंत्री ग्लेंडा !!
सेंगोल है, लोकतंत्र का लोकदंड
स्वामी दयानंद सरस्वती ने सत्य पर प्रकाश डाला। एक पुस्तक बनाई। वह सत्यार्थ प्रकाश है। महात्मा गांधी ने अपनी आत्मकथा को सत्य के प्रयोग कहा। इन दोनों पुस्तकों में सत्य…
राजद्रोह कानून क्यों कायम रहे?
भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए के तहत राजद्रोह एक अपराध है.जिसके अनुसार किसी भी व्यक्ति द्वारा सांकेतिक, वाचन, लेखन अथवा किसी अन्य माध्यम से संवैधानिक सरकार के विरुद्ध विद्रोह…











