लेखक के लेख

राकेश सिंह

क्वाड देशों का सम्मलेन और चीन को चेतावनी

क्वाड नेताओं ने जापान में संपन्न सम्मेलन में एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया |यह बयान इस बात को भी दर्शाता है कि यह  साझेदारी…

मार्क्स, माओ के वैचारिक चेलों और एक चुनाव विश्लेषक के गणित में उलझा किसान आंदोलन

अब आते हैं दर्शन पाल सिंह पर। दरअसल दर्शनपाल पीपल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ इंडिया (PDFI) के संस्थापक सदस्य हैं। यह संगठन उस माओवादी क्रांति का ही अनुगामी है, इसके तहत…

किसान आंदोलन के बहाने माओवादियों की हुंवां-हुंवां

किसान आंदोलन के मंच पर धीरे-धीरे वो सभी दिखाई दे रहे हैं जो शाहीन बाग में दिखते थे। इनके निशाने पर हमेशा नरेन्द्र मोदी होते हैं। मोदी विरोध के हर…

जलमार्ग बदलेंगे हिंदुस्तान की तकदीर

साल 2014 के आम चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए के पक्ष में जनादेश दिया। यह जनादेश भारत को विकास की पटरी पर सरपट दौड़ाने…

संशोधन प्रस्ताव वापस

बहस समापन की ओर बढ़ रही थी। साथ साथ् सहमति के स्वर एक होने लगे थे। संविधान सभा के सदस्य लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव का महत्व समझ रहे थे। सवाल रास्ते…

प्रकृति ही रामराज्य का आधार

कोरोना ने प्रकृति के करीब जाने, उसके सानिध्य में जीने की एक ललक पैदा की। हालांकि ये ललक पैदा हुई मजबूरी में। लेकिन प्रकृति और हमारे जीने के तरीके में…

महिमा ‘कोदंड रामकथा’ की – कोदंड कठिन चढ़ाइ सिर जट जूट बाँधत सोह क्यों………..

कोदंड कठिन चढ़ाइ सिर जट जूट बाँधत सोह क्यों। मरकत सयल पर लरत दामिनि कोटि सों जुग भुजग ज्यों॥ कटि कसि निषंग बिसाल भुज गहि चाप बिसिख सुधारि कै। चितवत…

पत्रकार के रूप में गांधी की यात्रा

हिंदी नवजीवनः गुजरात में हिंदी पत्रकारिता के विकास में गांधी का महत्वपूर्ण योगदान है। हरिभाऊ उपाध्याय, जो कुछ वर्षों तक ‘हिंदी नवजीवन’ नामक साप्ताहिक पत्र के संपादन कार्य में गांधी…