लोकनीति केंद्र
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खेड़ा के अमर्यादित बोल
पृथक राज्यों की माँग के आंदोलनों के निहितार्थ
भाषा क्षेत्रीयता एकता या राज्य गठन का आधार बन सकती है, यह बात पिछले पांच दशकों में गलत सिद्ध हो चुकी है. जिस तेलगु भाषी एकता के नाम पर आंध्रप्रदेश…
ग़ज़ल – दिल मगर हिन्दोस्तानी चाहिए
विश्वास से उपजा विवाद
गज़ल – ज़िन्दगी
भोजपुरी कविता – दियना घरे- घरे बारऽ
भारत में वामपंथी राजनीति का अवसान
कम्युनिस्ट नेता वामपंथ के अवसान की बात को स्वीकार नहीं करते. माकपा नेत्री वृंदा करात अपने एक आलेख में लिखती हैं, "वामदल तो हमेशा से ऐसे…
संवैधानिक है जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग
सर्वोच्च न्यायालय ने जम्मू कश्मीर में विधानसभा और संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इसी के साथ केंद्र शासित इस प्रदेश में…
नियमों के नाम पर रोजगार पर चोट
पीड़ा में परवाह का भाव – भारत का मैत्री भाव
गाँधी की पंथनिरपेक्षता पर प्रश्नचिन्ह
अपने विचारों में अपने धर्म के प्रति आस्था प्रकट करना अलग बात है किन्तु व्यवहार मे गाँधी जी ने पंथनिरपेक्षता के वो मानक स्थापित किये हैं…


