हमनें अपने हलों को अभी अभी रंगना शुरू किया ..
खेती किसानी तो भारतीय जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण अंग था। पग पग पर इसकी निशानियां आपको मिलेगी। पुरखों के किस्से भी उसी अतीत सुनाते हुए मिलेंगे। इसी तरह जाने माने इतिहासकार…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
खेती किसानी तो भारतीय जीवनशैली का एक महत्वपूर्ण अंग था। पग पग पर इसकी निशानियां आपको मिलेगी। पुरखों के किस्से भी उसी अतीत सुनाते हुए मिलेंगे। इसी तरह जाने माने इतिहासकार…
मनुष्य ने जब खेती करना सीखा होगा तभी वह स्थाई जीवन जीना भी सीखा होगा। हल की लकीरों से ही सभ्याताओं ने भी आकार लिया होगा। भारत इसमें हमेशा आगे…
'कोरोना के बाद राज्य व्यवस्था की पुनर्रचना' विषय पर मनीषी राम बहादुर राय का व्याख्यान दिनाँक 04/02/2020
सामाजिक राजनैतिक जीवन के हर व्यक्ति पर बहस होनी चाहिए, यह जरूरी है। क्युकी उससे देश प्रभावित होता है। कोई अपवाद नहीं हो सकता है। अर्णव हम आपके शुक्रगुजार है…
कोरोना के बाद कला-संस्कृति की भूमिका पर मनीषी राम बहादुर राय जी का व्यख्यान|
आज पंचायती राज दिवस है। एक बार ठहरकर सोचें। अपने संविधान को भी निहारे, और देखें की गांधी का ग्राम स्वराज उसमें कहां था। बनाने वालों ने आखिर आजादी के…
जमींदारी प्रथा का अंत हो चुका है। इसके साथ ही किसानों को जमीन का हक मिला। किसानों को मिला अधिकार भी काफी कुछ पन्नो पर ही है। वास्तविकता से काफी…
जाहिलों की जाहिलियत जारी है। जाहिलियत एक सोच है। अगर यह सोच किसी मजहब का आधार ही बन जाए तो समझो कि खतरा आपके सबसे करीब है। इससे निपटने के…
वैसे 40 की उम्र ज्यादा नहीं होती। 40 की उम्र में ही अगर खुद के होने के सवाल के ज्यादतर उत्तर देने के करीब आप पहुंच जाते हैं तो आपका…
दूसरे का धर्म सरल मालूम हो तो भी उसे स्वीकार नहीं करना चाहिए। बहुत बार सरलता आभासमात्र ही होती है। घर गृहस्थी में बाल बच्चो की देखभाल नहीं कर पाता,…
आज आजादी के 75 साल पूरा करने को दो साल बचे हैं। प्रकृति ने हमें सोचने का एक अवसर दिया है। हम सोचें उन मजदूरों की आंख में आंख डालकर…
कोरोना के साथ-साथ कम्युनिस्ट विचार भी किसी सभ्य राष्ट्र और समाज के लिए खतरनाक है। इस विचार के भारतीय वाहक इसकी गवाही चीख चीख कर देते हैं। आज जब पूरा…