ऐसे हैं, हमारे कौल साब
वरिष्ट पत्रकार जवाहरलाल कौल को जनसत्ता से रिटायर हुए करीब एक दशक हो चुकें हैं, लेकिन उनकी कलम अभी रिटायर नही हुई। बल्कि सामाजिक सरोकारों के साथ उनकी कलम की…
समाचार से आगे, समझ की ओर।
वरिष्ट पत्रकार जवाहरलाल कौल को जनसत्ता से रिटायर हुए करीब एक दशक हो चुकें हैं, लेकिन उनकी कलम अभी रिटायर नही हुई। बल्कि सामाजिक सरोकारों के साथ उनकी कलम की…
गौतम ऋषि आश्रम || बड़ी अयोध्या के गुमनाम तीर्थस्थल || जिला-अयोध्या
क्या आप जानते हैं कि राजा दशरथ जी की समाधि स्थल कहां है ??
आस्तिक मुनि आश्रम || बड़ी अयोध्या के गुमनाम तीर्थस्थल || जिला—अयोध्या
बड़ी देवकाली || जिला—अयोध्या ||बड़ी अयोध्या के गुमनाम तीर्थस्थल ||
भारत में किसान आंदोलनों की एक लंबी और सतत श्रृंखला है। किसान संघर्ष इतिहास में अपना अलग महत्तव रखते हैं। इन आंदोलनों ने कई ऐतिहासिक अवसरों पर निर्णायक भूमिका निभाई।…
अंग्रेजी हुकूमत ने अवध इलाके पर अपना बर्चस्व कायम की। वह साल था 1856 का। अवध पर अंग्रेजी हुकूमत स्थापित होने के बाद अपने शासन शैली के हिसाब से काम…
जिसमें रम गए वही राम है. सबके अपने-अपने राम हैं. गांधी के राम अलग हैं, लोहिया के राम अलग. वाल्मीकि और तुलसी के राम में भी फर्क है. भवभूति के…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे कुंवर नटवर सिंह दूसरों से भिन्न हैं। राजनीति की मुख्यधारा में सक्रिय नहीं रहते हुए भी वे अपनी उपस्थिति समय-समय पर अनुभव कराते रहते हैं।…
मैंने अपनी निरक्षर और लगभग संपूर्ण जीवन वैधव्य में काटने वाली दादी को कभी अल्लाहाबाद कहते नहीं सुना था । वे ताउम्र प्रयाग ही कहती रहीं । मैं यह साफ़ अनुभव…
। लेकिन पत्रकारिता मिशन तो तब थी जब देश के सामने स्वाधीनता का मर मिटने वाला लक्ष्य था। एक स्वाधीन लोकतान्त्रिक देश की पत्रकारिता का वह मिशन कभी नहीं हो…
पानी गिर रहा था। बहुत पानी गिर रहा था। बारिश की ये बूंदे उनके आंनद को चरम की ओर ले जा रही थी। ये ‘नई उम्र की नई फसल’ थी । ‘खाए-पीए-अघाए’ जैसे लोग…