लेखक के लेख

बनवारी

राज्य तंत्र में कम्युनिस्टों की घुसपैठ

भारत के बारे में कार्ल मार्क्स की जानकारी बहुत सतही थी। अपने जीविकोपार्जन के लिए कार्ल मार्क्स ने अमेरिकी अखबारों के लिए लिखा है। भारत के बारे में उनकी अधिकांश…

भीमा कोरेगांव में वामपंथ का हिंसक तांडव

  भीमा कोरेगांव की हिंसा के सिलसिले में महाराष्ट्र पुलिस ने अनेक स्थानों पर छापे मारकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच से यह स्पष्ट हो…

विपक्षी राजनीति की दिशा

  आम चुनाव आते ही भारतीय राजनीति दलीय समर में बदल जाती है। अगले वर्ष आम चुनाव होने हैं और उसके लिए अभी से राजनैतिक समर आरंभ हो चुका है।…

यूरोप का विध्वंसक सिविलाइजेशन

महात्मा गांधी से जब यूरोपीय सभ्यता के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने इसकी खिल्ली उड़ाई थी। भारतीय दृष्टि से सभ्यता का आधार नैतिक होता है। उसके लिए हमारे…

यूरोपीय विज्ञान की दिशा

उन्नसवीं शताब्दी तक यूरोपीय एक अमर्यादित, आक्रामक और पराक्रमी जाति के रूप में जाने जाते थे। लेकिन बीसवीं सदी में उन्होंने जो वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय उपलब्धियों  कीं, उसके बाद उनकी…

वह तो काल परिवर्तन था

छत्रपति शिवाजी के उदय और मराठा राज्य की स्थापना ने भारत का राजनैतिक परिदृश्य बदल दिया था। अठारहवीं शताब्दी के मध्य तक मराठों के शासन का विस्तार मुगलों से भी…

सेमेटिक विश्व और धार्मिक विश्व

अपनी चीन यात्रा पर जाने से पहले बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण भाषण दिया था। उन्होंने कहा कि इक्कीसवीं सदी में एशिया विश्व का…

यूरोप की राज्य केंद्रित व्यवस्था

उन्नीस सौ पचास के आसपास विश्व के अधिकांश देश यूरोपीय शक्तियों के औपनिवेशिक नियंत्रण से तो मुक्त हो गए, लेकिन उन पर यूरोप के आर्थिक-राजनैतिक विचारों और संस्थाओं का नियंत्रण…

पाशविकता की विजय

पहले विश्व युद्ध में उस्मानी सेनाओं की पराजय के बाद विश्व का लगभग 84 प्रतिशत भाग यूरोपीय शक्तियों की इच्छा के आधीन हो गया था। अपनी राजनैतिक शक्ति के इस…