लेखक के लेख

बनवारी

ज्ञान और विज्ञान का रिश्ता

अपने यहां वैज्ञानिक रुझान की कमी बताने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है। विज्ञान के इन अंध समर्थकों को लगता है कि जैसे विज्ञान कोई नामी कंपनी का बहुचर्चित…

पराई आधुनिकता

जब 1947 में हमने ब्रिटिश शासन को विदा करके अपनी स्वतंत्रता फिर स्थापित की थी तो अपने मन में यह सोच लिया था कि औपनिवेशिक दौर समाप्त हुआ। अब हम…

नए धर्मशास्त्र की भूमिका

युवा राजीव गांधीने प्रधानमंत्री बनने के बाद कहा था कि वे भारत को पश्चिमी देशों की नकल नहीं बनाना चाहते। अब तक के हर प्रधानमंत्री ने यह वादा दोहराया है…

आत्मघाती राजनीति की ओर बढ़ रही कांग्रेस

कांग्रेस की राष्ट्रीय निष्ठाएं कितनी कमजोर पड़ गई हैं, इसका ताजा उदाहरण संविधान से हटा दी गई अनुच्छेद 370 को लेकर बनी हुई उसकी दुविधा है। संविधान से यह धारा…

लद चुके हैं कश्मीर घाटी में अलगाववादी नेताओं के दिन

फारूख अब्दुल्ला ने पिछले एक महीने में सीमाओं पर चीन के आक्रामक रुख को लेकर जो बातें कही हैं, वे देशद्रोह से कम नहीं है। यह भारत के लोकतंत्र की…

अभिव्यक्ति की आजादी हो, न कि बर्बरता की

भारत सरकार को जिस बात की आशंका थी, वही हुआ। फ्रांस में मोहम्मद साहिब के कार्टूनों को लेकर घटी घटनाओं पर भारत के मुसलमानों को उकसाने और भड़काने की कोशिश…

डोनाल्ड ट्रम्प के बाद

पूरी दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाते रहने वाले अमेरिका में इस बार लोकतंत्र का पहिया चुनाव की दलदल में अटक गया है। अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया…

नीतीश को एक और कार्यकाल

बिहार के लोगों ने राज्य का शासन चलाने के लिए लालू परिवार के प्रतिनिधि तेजस्वी यादव की जगह एक बार फिर नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है। नीतीश कुमार के…