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भारत अपनी उन्नत खेती के लिए जाना जाता था
इसी तरह जाने माने इतिहासकार धर्मपाल की पुस्तक ‘इंडियन साइंस एंड टेक्नालाजी इन दी एटींथ सेंचुरी’ में भारत की उन्नत खेती का वर्णन है। 18वीं शताब्दी में भारत खेती के…
आखिरी व्यक्ति की चिंता, सत्य का अवलंबन, बोल चाल की भाषा, अपनी भाषा के प्रति लगाव। यही गांधी की पत्रकारिता का सार है-रामबहादुर राय
मैंने इस ग्रीन पम्फलेट का जिक्र सिर्फ इसलिए किया क्योंकि पत्रकारिता का उस जमाने में और आज भी यह एक जरिया है। पत्रकारिता गांधी के रग-रग में थी, इसे हम…
चेतावनी जो सही निकली
संविधान सभा के पांचवे दिन पंडित जवाहर लाल नेहरू ने लक्ष्य संबंधी प्रस्ताव रखा। वे चाहते थे कि उसे संविधान सभा बिना बहस के पारित कर दे। वैसा हुआ नहीं।…
राजनीति में भारतीयता के वाहक थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय
क्यों और किसने कराई पं. दीनदयाल उपाध्याय की हत्या ?
इस तरह मुगलसराय के सहायक स्टेशन मास्टर को खबर मिली। उसने बनी बनाई पद्धति अपनाई। रेलवे पुलिस को सूचना दी। रेलवे पुलिस ने अपने एक जवान को पहले भेजा और…
मायानगरी का काला सच
बॉलीवुड के नायक नायिकाओं को लाखों लोग अपना आदर्श मानते हैं| उनके द्वारा पर्दे पर दिखाए गए चरित्र को अपने जीवन में उतारने की चेष्टा करते हैं, लेकिन अभिनेता…
महाभारत के आइने में धर्म
अपने समय के भारतीय समाज पर वेदव्यास की हताशा से भरे इस एकाकी विलाप का मर्म समझने के लिए हमें कितना द्रविड़ प्राणायाम करना पड़ रहा है, इस पर क्या…
आढ़तियों के लिए विपक्ष की इतनी हाय-तौबा क्यों
मोदी सरकार ने कृषि में सुधार के तीन कदम उठाए हैं। पहला कृषि उत्पाद विपणन समिति अधिनियम में सुधार। दूसरा कांट्रक्ट फार्मिंग यानि कि अनुबंध खेती को लेकर। तीसरा सुधार…
मंडी माफियाओं के लिए विपक्ष परेशान
नील की खेती, रस्सी, पलगं के प्रकार, कृष्ण की तीन क्रांतियां चक्रवर्ती. सम्राट की व्यवस्था
नील, नील की खेती, रस्सी, पलगं के प्रकार। जल के स्त्रोत, गावं की अर्थव्यवस्था कृष्ण की तीन क्रांतियां भारत एक उद्याग प्रधान देश रहा है; कृषि प्रधानता तो गाँव की…
समर नहीं, समरसता
जातिगत घृणा का वातावरण पैदा कर राजकीय आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए जातियों में भेद-विभेद उत्पन्न किया है। अनुभव ने हमें बताया है कि ऐसे सभी प्रयत्न हमारी अंतरऊर्जा के…










