कला साहित्य
भोजपुरी कविता – दियना घरे- घरे बारऽ
गहरे खोजी थे प्रो. मैनेजर पांडे – रामबहादुर राय
अयोध्या आंदोलन के स्तंभ स्वामी परमानंद
भावविह्वल हैं रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की तपस्थलियां
ये भावविह्वल हैं। आनंद में निमग्न हैं, सदियां बीत गईं, प्रतीक्षा में। आखिर वह घड़ी आ ही गई। अयोध्या की आध्यात्मिक ऊर्जा के नाभि केन्द्र में रामलला का मंदिर बनने…
महर्षि ने कराया दो राजवंशों का मिलन – अहो!अयोध्या
श्री राम और लक्ष्मण की जनकपुर यात्रा ने अयोध्या और मिथिला की संस्कृतियों को एकाकार करने में महती भूमिका निभाई। दोनों राज्यों के बीच पडऩे वाले क्षेत्र भय मुक्त हुए।…
अयोध्या की सांस्कृतिक चौहद्दी
अयोध्या नगर से बाहर निकले तो चौरासी कोसी परिक्रमा के बीच ६५ ऐसे स्थल चिन्हित किए गए थे जिन्हें तीर्थ के रूप में मान्यता है। इनमें वैतरणी कुंड, सूर्यकुंड, नरकुंड,…
मानस के सूक्ष्म लोक का हवनकुंड
मानस के सूक्ष्म लोक का हवनकुंड अयोध्या को लेकर पुराणों में जगह-जगह उद्धरण मिलते हैं। मनु से बसाई गई अयोध्या को विश्व की पहली राजधानी के रूप में कहा गया…
राम भारत की आत्मा हैं – दत्तात्रैय होसबोले
अयोध्या की महिमा गाती, पुस्तक ‘अहो! अयोध्या’
अयोध्या भूमि में आकर्षण है। आज नहीं आदि से। यहां शांति और संतुष्टि प्राप्त होती है। साधक, श्रद्धालु भक्त के साथ देवता भी यहां वास करना चाहते हैं। भारतीय अध्यात्म…
योग-संयोग : तब और अब – लाहिड़ी महाशय के बहाने योग का सफर
श्यामा चरण लाहिड़ी के जीवन में एक चमत्कार घटित हुआ। वे पहाड़ पर घूमने जाते थे। एक संन्यासी के आकर्षण ने उन्हें अपनी ओर खींचा। उस स्थान पर पहुंचे।…
….जहां लोग लगाते हैं शादी के लिए अर्जी
साक्षीगोपाल मंदिर में लोग लेकर आते हैं फरियाद # ओड़िशा के भुवनेशवर और पुरी रोड के बीच स्थित है साक्षीगोपाल का मंदिर आज मैं आपकों एक ऐसे सफर पर ले…










